DB l असम के कोकराझार जिले में गुरुवार तड़के एक बड़ा रेल हादसा टल गया। देर रात करीब 1 बजे सलाकाटी और कोकराझार स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर जोरदार धमाका हुआ, जिससे ट्रैक का करीब तीन फुट हिस्सा टूट गया और लोअर असम व उत्तर बंगाल की रेल सेवाएं प्रभावित हो गईं। इस विस्फोट के कारण 8 से 10 ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई और यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
धमाके की जानकारी उस वक्त मिली जब एक मालगाड़ी के लोको पायलट ने अचानक जोरदार झटके की रिपोर्ट दी और ट्रेन को रोक दिया। जांच में सामने आया कि ट्रैक और स्लीपर को गंभीर नुकसान पहुंचा है। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जिला पुलिस और खुफिया एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। रेलवे पुलिस अधीक्षक प्रांजित बोरा ने बताया कि यह “संभावित आईईडी ब्लास्ट” हो सकता है, हालांकि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और पुख्ता निष्कर्ष तक नहीं पहुंचा गया है।
नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) ने बताया कि यह धमाका उस वक्त हुआ जब “UP AZARA शुगर मालगाड़ी” सलाकाटी से कोकराझार के बीच गुजर रही थी। ट्रेन मैनेजर ने धमाके की आवाज और झटके की सूचना दी, जिसके बाद ट्रैक की जांच की गई। ट्रैक की मरम्मत सुबह 5:25 बजे पूरी कर दी गई और 5:30 बजे से ट्रेन सेवा सामान्य रूप से शुरू कर दी गई।

इस बीच, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पराज सिंह ने कहा कि नुकसान ट्रैक के छोटे हिस्से तक सीमित था, जिसे तुरंत ठीक कर लिया गया। किसी भी ट्रेन के पटरी से उतरने या जनहानि की खबर नहीं है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां धमाके की प्रकृति और संभावित साजिशकर्ताओं की तलाश में जुटी हैं।
घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने पूरे सेक्शन में पेट्रोलिंग और निगरानी बढ़ा दी है। राज्य पुलिस, RPF और इंटेलिजेंस यूनिट ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में विस्फोट के पीछे तोड़फोड़ या साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पूर्वोत्तर राज्यों में सुरक्षा एजेंसियां त्योहारों और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर पहले से अलर्ट पर हैं। फिलहाल, रेलवे ट्रैक की मरम्मत पूरी हो चुकी है और सभी ट्रेनें सामान्य रूप से चल रही हैं, जबकि पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों की पहचान जल्द की जाएगी।
