DB l फेक स्ट्राइक से डरा कर इंस्टाग्राम क्रिएटर से 50 लाख की ठगी, जबलपुर में डिजिटल एक्सटॉर्शन का पहला मामला…
मध्य प्रदेश के जबलपुर में साइबर अपराधियों ने इंस्टाग्राम के फेक कॉपीराइट स्ट्राइक का डर दिखाकर एक लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर से 50 लाख रुपये ठग लिए। 28 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर और डिजिटल क्रिएटर अज़ीम अहमद के 96 इंस्टाग्राम पेजों पर करीब 57 मिलियन फॉलोअर्स हैं। अज़ीम सोशल मीडिया पर कंटेंट निर्माण और डिजिटल मार्केटिंग से जुड़े हुए हैं।
अहमद ने बताया कि उन्हें ई-मेल और कॉल के ज़रिए ठगों ने धमकाया कि उनके अकाउंट्स पर कॉपीराइट उल्लंघन का स्ट्राइक लगाया गया है और अगर उन्होंने भुगतान नहीं किया तो सभी अकाउंट डिलीट कर दिए जाएंगे। ठगों ने खुद को इंस्टाग्राम टीम या ‘मीडिएटर’ बताकर भरोसा दिलाया कि पैसे देने पर स्ट्राइक हट जाएगी। डर और करियर के नुकसान की आशंका से अज़ीम ने किस्तों में पैसे भेजना शुरू किया। धीरे-धीरे रकम 50 लाख रुपये तक पहुंच गई।
पीड़ित के अनुसार, एक बार जवाब न देने पर ठगों ने उनके एक अकाउंट से दो लाख फॉलोअर्स घटाकर अकाउंट बंद करा दिया। यही नहीं, पैसे देने से मना करने पर तीन और अकाउंट्स को भी सस्पेंड करवा दिया गया। जब ठगों की मांग बढ़ती गई, तो अज़ीम ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।

जांच में सामने आया कि ठग फर्जी कॉपीराइट रिपोर्ट भेजकर इंस्टाग्राम के स्वचालित सिस्टम का दुरुपयोग कर रहे थे, जिससे अकाउंट अस्थायी रूप से ब्लॉक हो जाता था। इस घटना के बाद अज़ीम ने इंस्टाग्राम से संपर्क कर अकाउंट्स को फिर से एक्टिव कराया, जिसमें करीब 10–15 लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च हुआ।
जबलपुर साइबर सेल प्रभारी नीरज नेगी ने पुष्टि की कि यह शहर का पहला ऐसा मामला है, जिसमें ठगों ने ‘फर्जी कंटेंट स्ट्राइक’ और ‘बैन’ की धमकी देकर बड़ी रकम वसूली है। उन्होंने कहा, “यह नए युग का साइबर अपराध है, जिसमें अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की तकनीकी प्रक्रियाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं।”
वर्तमान में साइबर सेल इंस्टाग्राम की इंटरनल टीम से संपर्क में है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये फर्जी स्ट्राइक कैसे ट्रिगर हो रही हैं और इसके पीछे कौन-सी गैंग सक्रिय है। विशेषज्ञों ने कंटेंट क्रिएटर्स को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध ई-मेल या कॉल का जवाब न देने की सलाह दी है।
