अवामी नेता बोले – “ये सरकार और फौज जनता को मारने वाली डायन”
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हालात बेकाबू हो चुके हैं। सेना और प्रदर्शनकारियों के बीच भीषण झड़पों में अब तक 12 से ज्यादा नागरिकों और तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक घायल हुए हैं। मुजफ्फराबाद, रावलकोट, नीलम घाटी और कोटली में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। गुस्साई भीड़ ने पुलिस की वर्दी उतरवा दी, सेना से सीधी भिड़ंत की और “आजादी” के नारे लगाए। हालात बेकाबू होते देख शहबाज सरकार ने पूरे PoK में अनिश्चितकालीन लॉकडाउन लगा दिया और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं।

ये आग जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) के आह्वान पर भड़की। संगठन ने भ्रष्टाचार, सेना की ज्यादतियों और नेताओं की आलीशान सुविधाओं के खिलाफ 38 सूत्री मांगपत्र सरकार को सौंपा था। जब उनकी आवाज दबाई गई तो विरोध हिंसक हो गया। सेना और रेंजर्स ने भीड़ पर गोलियां बरसाईं, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क उठा।
इसी बीच अवामी एक्शन कमेटी के वरिष्ठ नेता शौकत नवाज मीर ने इस्लामाबाद और पाक सेना पर सीधा हमला बोला। उन्होंने सेना को “ऐसी चुड़ैल” बताया जो अपने ही लोगों का खून पी रही है। मीर ने कहा, “तथाकथित आजाद कश्मीर असल में दशकों से शोषण और दमन की जंजीरों में जकड़ा है। पाकिस्तान के हुक्मरान उन्हीं अत्याचारों के दोषी हैं जिनका आरोप वे दूसरों पर लगाते हैं।”

उन्होंने पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर के हिंदुओं को “काफिर” कहने वाले बयान को ढोंग बताते हुए तंज कसा कि “भारत के खिलाफ बोलने वाले मुनीर के हाथ खुद कश्मीरियों के खून से सने हैं।”
इस वक्त PoK का हर कोना गुस्से से सुलग रहा है। लोग कह रहे हैं यह किसी एक नेता का संघर्ष नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था के खिलाफ जनता की बगावत है। हालात ऐसे हैं कि पाक सरकार और सेना की पकड़ ढीली होती दिख रही है और वहां का विद्रोह अब काबू से बाहर जाता नज़र आ रहा है।
