0 0
Read Time:2 Minute, 44 Second

DB l उत्तर भारत इस समय दोहरी मार झेल रहा है—एक तरफ कड़ाके की सर्दी और शीतलहर, दूसरी तरफ दिल्ली–NCR में जानलेवा वायु प्रदूषण। मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और पंजाब में ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। राजस्थान के 9 और मध्य प्रदेश के 8 शहरों में न्यूनतम तापमान 10°C से नीचे दर्ज हुआ। भोपाल में लगातार पांच दिन से रात का पारा 8°C पर अटका है। हरियाणा के नारनौल में तापमान 7.7°C तक गिर गया।

इसी बीच दिल्ली और हरियाणा के लोगों को जहरीली हवा का भी सामना करना पड़ रहा है। दोनों राज्यों के 13 शहरों में AQI 400 से ऊपर पहुंच गया। दिल्ली के बवाना में AQI 451, चांदनी चौक में 449 और लुटियंस ज़ोन में 408 दर्ज हुआ। इंडिया गेट और कर्तव्य पथ धुंध की घनी चादर में पूरी तरह छिप गए।

प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों को वर्चुअल सुनवाई अपनाने की सलाह दी है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस चंदुरकर ने कहा—
“स्थिति बेहद गंभीर है, सिर्फ मास्क काफी नहीं… यह जहरीली हवा स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है।”

कोर्ट को बताया गया कि 15 सितंबर से 10 नवंबर के बीच पंजाब में 4,195 और हरियाणा में 363 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज हुईं। वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए दिल्ली–NCR में 1,556 प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों को बंद किया गया है—

  • UP: 637 फैक्ट्रियां
  • दिल्ली: 264
  • हरियाणा: 234
  • राजस्थान: 121

CAQM ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि GRAP के चरण–I और II लागू किए जा चुके हैं और पराली पर सैटेलाइट मॉनिटरिंग जारी है। अब 17 नवंबर की अगली सुनवाई में कोर्ट और कठोर निर्देश जारी कर सकता है, जिससे राजस्थान, UP और NCR राज्यों में औद्योगिक गतिविधियों पर और असर पड़ सकता है।

उत्तर भारत में सर्दी और स्मॉग का यह मिश्रण स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन चुका है।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %