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DB l राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अवैध अंग प्रत्यारोपण से जुड़े एक बड़े मानव तस्करी गिरोह को बेनकाब करते हुए इसके मुख्य आरोपी मधु जयकुमार को गिरफ्तार कर लिया है। केरल के एर्नाकुलम का रहने वाला मधु 8 नवंबर को ईरान से लौटते ही दबोच लिया गया। वह लंबे समय से ईरान में रहकर गरीब और आर्थिक रूप से मजबूर लोगों को अंग दान के बहाने विदेश भेजने की साजिश का संचालन कर रहा था।

एनआईए ने फरवरी 2025 में उसके खिलाफ इंटरपोल रेड कार्नर नोटिस जारी कराया था। गिरफ्तारी के बाद 12 नवंबर को उसे कोच्चि की अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे 19 नवंबर तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया है। वर्तमान में उससे कोच्चि स्थित एनआईए कार्यालय में गहन पूछताछ की जा रही है।

यह मामला 18 मई 2024 को तब सामने आया जब कोच्चि एयरपोर्ट पर आव्रजन अधिकारियों ने संदिग्ध गतिविधियों के चलते एक युवक को रोका। प्रारंभिक जांच में पुलिस को अंग तस्करी नेटवर्क का सुराग मिला, जिसके बाद केस एनआईए को सौंप दिया गया। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों को ईरान ले जाते थे और झूठा दावा करते थे कि वहां अंग प्रत्यारोपण कानूनी है। वे अंग प्राप्तकर्ताओं की पहचान से लेकर ईरानी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था तक पूरी प्रक्रिया का समन्वय करते थे।

इस रैकेट में मधु के साथ सबित, सजीथ श्याम और बेल्लमकोंडा राम प्रसाद जैसे अन्य आरोपी भी शामिल पाए गए, जिनके खिलाफ पहले ही आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। मधु की गिरफ्तारी को बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि वह ईरान में पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था।

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