DB l रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को आम जनता को बड़ी राहत देते हुए रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर दी है। नया रेपो रेट अब 5.50% से घटकर 5.25% हो गया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद यह घोषणा करते हुए कहा कि यह फैसला महंगाई में तेज गिरावट और अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति को देखते हुए लिया गया है। रेपो रेट में कमी का सबसे बड़ा फायदा बैंक ग्राहकों को मिलेगा, क्योंकि इससे होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन सभी की EMI पहले से कम होने लगेगी।

RBI के मुताबिक खुदरा महंगाई अक्टूबर में घटकर ऐतिहासिक 0.25% पर आ गई है, जो पहली बार महंगाई लक्ष्य के निचले दायरे से भी नीचे पहुंची है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी गिरावट के कारण मुख्य महंगाई भी लगातार नरम पड़ रही है। इसी सकारात्मक माहौल को देखते हुए RBI ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की GDP ग्रोथ के अनुमान को 6.8% से बढ़ाकर 7.3% कर दिया है। तीसरी तिमाही (Q3 FY26) का अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7.0% और चौथी तिमाही (Q4 FY26) का अनुमान 6.2% से बढ़ाकर 6.5% किया गया है।

गवर्नर मल्होत्रा ने बताया कि घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है। शहरी खपत अच्छी है, ग्रामीण मांग में सुधार हो रहा है और निजी निवेश बढ़ रहा है। मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर उत्पादन लागत में कमी के कारण तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। वहीं कृषि क्षेत्र भी स्थिर रहने की उम्मीद है क्योंकि रबी फसलों की स्थिति अनुकूल है और जलाशयों में पर्याप्त पानी उपलब्ध है।
RBI ने पॉलिसी स्टांस ‘न्यूट्रल’ रखा है और SDF रेट को घटाकर 5% तथा MSF और बैंक रेट को 5.50% किया है। MPC के सभी छह सदस्यों ने इस कटौती को सर्वसम्मति से मंजूरी दी है। अगली MPC बैठक 4 से 6 फरवरी 2026 के बीच होगी। कुल मिलाकर RBI का यह फैसला आने वाले महीनों में भी ब्याज दरों में राहत का संकेत देता है।
