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DB l जबलपुर जिले में किसानों की सुविधाओं को बढ़ाते हुए प्रशासन ने उर्वरक की होम डिलीवरी सेवा प्रारंभ कर दी है, जिससे किसानों को खाद वितरण केंद्रों पर लगने वाली भीड़ और समय की बर्बादी से राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बाद शुरू हुई इस व्यवस्था के तहत मझौली विकासखंड के ग्राम सुहजनी निवासी किसान ओमप्रकाश जिले के पहले लाभार्थी बने, जिनके घर डबल लॉक केंद्र से 14 बोरी यूरिया पहुंचाई गई। उप संचालक कृषि डॉ. एस. के. निगम के अनुसार किसान द्वारा ई-टोकन पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग की गई थी, जिसके बाद समय पर और पारदर्शी तरीके से खाद की सप्लाई सफलतापूर्वक सुनिश्चित की गई। फिलहाल यह सेवा डबल लॉक केंद्र से पांच किलोमीटर के दायरे के किसानों को उपलब्ध कराई जा रही है, जिसमें परिवहन शुल्क 15 रुपये, लोडिंग 5 रुपये और अनलोडिंग 5 रुपये मिलाकर 25 रुपये प्रति बैग शुल्क निर्धारित किया गया है।

उर्वरक की होम डिलीवरी

इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की समीक्षा बैठक में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने ‘लखपति बीघा’ लक्ष्य रखते हुए कहा कि जैसे ‘लखपति दीदी’ योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया, वैसे ही कृषि क्षेत्र में एक बीघा भूमि से एक लाख रुपये की वार्षिक आमदनी अर्जित करने वाले किसानों को भी सम्मानित किया जाए। उन्होंने कृषकों तक उर्वरक की आसान पहुंच, ग्राम स्तर पर अद्यतन तकनीक अपनाने, संभागीय नर्सरियों को आदर्श बनाने और नरवाई प्रबंधन के लिए तीन वर्ष की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, राज्यमंत्री श्री लखन पटेल, पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में यह भी बताया गया कि मध्यप्रदेश दालों, तिलहन और मक्का उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है, जबकि खाद्यान्न, अनाज और गेहूं उत्पादन में प्रदेश दूसरे स्थान पर है। वर्ष 2024-25 में 38.10 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 21.41 लाख मीट्रिक टन DAP+NPK का व्यापक वितरण किया गया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2023-24 और 2024-25 में किसानों को कुल 2,237 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दावे के रूप में दी गई। प्रदेश की सभी 259 मंडियों में ई-मंडी लागू हो चुकी है तथा एमपी फार्म गेट ऐप को स्कॉच सिल्वर अवॉर्ड प्राप्त हुआ है।

इधर, जिले में सख्त निगरानी अभियान के दौरान शहपुरा मंडी क्षेत्र में बिना लाइसेंस के मटर और गेहूं के बीज का भंडारण व विक्रय करते पाए जाने पर दुकानदार सचिन जैन के विरुद्ध बीज नियंत्रण आदेश 1983 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत FIR दर्ज की गई। निरीक्षण में विभागीय टीम ने करीब 3.14 लाख रुपये मूल्य का 28 क्विंटल मटर बीज और 39,960 रुपये मूल्य का 10.80 क्विंटल गेहूं बीज जब्त किया, जिसे विक्रय के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया।

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