DB l भारत में चल रही BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के बीच वैश्विक राजनीति में नए समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विशेष मुलाकात की, जबकि ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से अलग से बातचीत की। इन बैठकों की टाइमिंग को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन दौरे पर हैं और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ कई रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, मोदी और लावरोव के बीच भारत-रूस सहयोग, यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक हालात पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत में एक बार फिर कहा कि किसी भी संघर्ष का समाधान संवाद और कूटनीति से ही संभव है। माना जा रहा है कि दिसंबर 2025 में होने वाले भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन को लेकर भी चर्चा हुई।
उधर, ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात ने दुनिया की नजरें बीजिंग पर टिका दी हैं। ट्रंप ने दावा किया कि दोनों देशों के बीच कई बड़े व्यापारिक समझौते हुए हैं। उन्होंने ईरान संकट और होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने पर भी बातचीत की जानकारी दी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव का असर BRICS देशों पर सीधे पड़ रहा है। दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और LNG सप्लाई इसी मार्ग से गुजरती है। ऐसे में भारत, चीन समेत कई देशों की ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक बाजार पर इसका असर दिखाई दे रहा है।
