जबलपुर । खुल रहे ग्रामीण पर्यटन के विकास के द्वार” – यह नारा आज भारत की बदलती टूरिज्म रणनीति का प्रतीक बनता जा रहा है।
सरकार, निजी क्षेत्र, और स्थानीय समुदाय मिलकर अब शहरों से दूर, गांवों की सांस्कृतिक, प्राकृतिक और जीवनशैली आधारित संपदा को विश्व के सामने लाने की दिशा में सक्रिय हो चुके हैं। ग्रामीण पर्यटन एक ऐसा यात्रा अनुभव है जिसमें पर्यटक ग्रामीण जीवन, संस्कृति, भोजन, पारंपरिक कलाओं और प्रकृति से सीधे जुड़ते हैं।
जबलपुर नर्मदा तट पर आरंभ हुआ होम स्टे ,नर्मदा तट पर पहुंचने वाले परिक्रमा वासी हो या पर्यटक अब जबलपुर का नर्मदा तट यात्रा की अलग अनुभूति कराएगा। सस्टेनेबल टूरिज्म पर कार्य कर रहे मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की होमस्टे योजना के अंतर्गत नर्मदा के मनोरम तट न्यू भेड़ाघाट के निकट डुडवारा में बने कच्ची मिट्टी के होम स्टे का मंगलवार को शुभारंभ हुआ।
नगर निगम उपायुक्त श्रीमती अंकिता जैन ने होम स्टे “नमामि नर्मदे पंचवटी” का दीप प्रज्ज्वल कर शुभारंभ किया। कच्ची मिट्टी की दीवारों से बने खपरेल के घर और इस परिसर की बगिया की ताजी हरि सब्जी , इस होम स्टे की विशेषता है।
इस नवीन होम स्टे का संचालन बोधन एवं नोनेलाल पटेल करेंगे। होम स्टे परियोजना के अंतर्गत लोक कल्याण भूमिका समिति होम स्टे का निर्माण करा रही है। समिति की अध्यक्ष रेखा कुशवाहा ने बताया कि अब परिक्रमा वासी और पर्यटक डुडवारा गांव जो नर्मदा तट पर है, यहाँ से भेड़ाघाट की प्राकृतिक सुंदरता और ग्रामीण संस्कृति का अद्भुत अनुभव ले सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत डुडवारा में 8 और होमस्टे का निर्माण होना है। कार्यक्रम में सरपंच श्रीमती भूरी बाई, पूर्व सरपंच मुकेश तिवारी, एवं ग्राम पर्यटक समिति के सदस्य उपस्थित थे।
