गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में शुक्रवार को मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार किया गया। गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कुल 25 मंत्रियों ने शपथ ली, जिनमें 6 पुराने चेहरों को दोबारा शामिल किया गया जबकि 19 नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई। इस विस्तार की सबसे अहम बात रही हर्ष सांघवी का डिप्टी मुख्यमंत्री पद पर प्रमोशन।
हर्ष सांघवी सूरत की मजूरा सीट से विधायक हैं और इससे पहले गृह राज्य मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। वे तीसरी बार विधायक हैं और जैन समाज के युवा नेता माने जाते हैं। उनके अलावा प्रफुल पानसेरिया को भी राज्य मंत्री से कैबिनेट मंत्री के पद पर प्रमोट किया गया है।

इस नए मंत्रिमंडल में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है। पाटीदार समुदाय से 6 मंत्री, ओबीसी से 8, अनुसूचित जाति से 3, आदिवासी समाज से 4, क्षत्रिय समाज से 2 और ब्राह्मण समुदाय से 1 मंत्री को शामिल किया गया है। हर्ष सांघवी जैन समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं।
क्षेत्रीय संतुलन की बात करें तो सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र से 9 मंत्री, मध्य गुजरात से 6, दक्षिण गुजरात से 5, उत्तर गुजरात से 4 और अहमदाबाद से दर्शन वाघेला को मंत्रिमंडल में स्थान मिला है। जो पुराने चेहरे फिर से कैबिनेट में शामिल किए गए हैं, उनमें ऋषिकेश पटेल, कनुभाई देसाई, कुंवरजी बावलिया, हर्ष सांघवी, प्रफुल पानसेरिया और परसोत्तम सोलंकी प्रमुख हैं।
वहीं नए चेहरों में त्रिकम छंग, स्वरूपजी ठाकोर, प्रवीण माली, पीसी बरंडा, दर्शन वाघेला, कांतिलाल अमृतिया, अर्जुन मोढवाडिया, प्रद्युम्न वाजा, कौशिक वेकारिया, जीतेंद्र वाघाणी, रमन सोलंकी, कमलेश पटेल, संजय सिंह महिदा, रमेश कटारा, मनीषा वकील, ईश्वरसिंह पटेल, डॉ. जयराम गामित और नरेश पटेल के नाम शामिल हैं।

यह विस्तार 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीतिक तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। जातीय संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और युवा नेताओं को अधिक जिम्मेदारी देकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक मजबूती के साथ आगामी चुनाव के लिए नई ऊर्जा भरने की कोशिश की है।
इस फेरबदल से न सिर्फ सरकार में नई गति आने की उम्मीद है, बल्कि यह भविष्य की रणनीति और सुशासन को और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
