DB l भोपाल के गांधी नगर स्थित सेंट्रल जेल परिसर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी गुड्डू आदिवासी का शव गौशाला परिसर में पेड़ से लटका मिला। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतक की पहचान रायसेन जिले के बाड़ी निवासी 53-58 वर्षीय गुड्डू आदिवासी के रूप में हुई है, जो वर्ष 2017 से हत्या के मामले में सजा काट रहा था। जेल प्रबंधन के अनुसार, गुड्डू को जेल की गौशाला में काम पर लगाया गया था और वह रोज की तरह रविवार को भी अन्य कैदियों के साथ वहां काम कर रहा था।
घटना रविवार शाम करीब 4:30 बजे सामने आई, जब नियमित गिनती के दौरान गुड्डू गायब पाया गया। इसके बाद जेल प्रहरियों ने उसकी तलाश शुरू की। कुछ ही देर बाद वह गौशाला के पास पंप हाउस के समीप जामुन के पेड़ से दुपट्टे के फंदे पर लटका मिला। तत्काल उसे नीचे उतारकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जेल अधीक्षक राकेश भांगरे के अनुसार, शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने बताया कि गुड्डू पिछले कुछ समय से बीमार चल रहा था और मानसिक तनाव में हो सकता है। हालांकि, जेल के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार हाल ही में उसका एक जेल अधिकारी से विवाद भी हुआ था, जिससे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है। इस विवाद की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं की गई है।

घटना के बाद गांधी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेज दिया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट की निगरानी में और परिजनों की मौजूदगी में कराया जाएगा।
पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि सख्त सुरक्षा व्यवस्था वाले जेल परिसर के भीतर कैदी के पास फांसी लगाने के लिए सामग्री कहां से आई और क्या यह वास्तव में आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और वजह छिपी है। यह घटना एक बार फिर जेल प्रशासन, कैदियों की निगरानी और उनके मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच का भरोसा दिलाया है, जबकि सभी की नजर अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है।
