DB l दिल्ली के जनकपुरी इलाके में लापरवाही ने एक और युवा की जान ले ली। दिल्ली जल बोर्ड के खुले और बिना पर्याप्त बैरिकेडिंग वाले गड्ढे में गिरने से 25 वर्षीय कमल चंदानी की दर्दनाक मौत हो गई। कमल कैलाशपुरी का रहने वाला था और गुरुवार रात रोहिणी स्थित अपने कार्यालय से बाइक से घर लौट रहा था।
रात के समय घर वालों से उसकी लगातार बातचीत हो रही थी, लेकिन देर रात तक जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिजन चिंतित हो गए। परिवार ने पूरी रात दिल्ली के करीब आधा दर्जन थानों के चक्कर लगाए, लेकिन कहीं से कोई ठोस मदद नहीं मिली। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने समय रहते खोजबीन नहीं की, जिससे कमल की जान बच सकती थी।
सुबह करीब 7 बजे पुलिस का फोन आया, तब जाकर परिजनों को हादसे की जानकारी मिली। मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि कमल अपनी बाइक सहित एक गहरे गड्ढे में गिरा हुआ था। बताया जा रहा है कि उस स्थान पर दिल्ली जल बोर्ड का कार्य चल रहा था, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। अंधेरे में गड्ढा नजर न आने के कारण वह उसमें गिर गया और बाहर नहीं निकल सका।

कमल के दोस्तों ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शिकायत दर्ज कराने में टालमटोल की गई और दबाव बनाने के बाद ही लोकेशन ट्रेस की गई। वहीं, दोस्त ने इस मामले में हत्या की आशंका भी जताई है।
घटना के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए। आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सरकार पर निशाना साधा। वहीं, क्षेत्र के मंत्री आशीष सूद ने जांच के आदेश देते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जल बोर्ड ने लापरवाही मानते हुए एक्सईएन, एई और जेई को निलंबित कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। यह हादसा नोएडा की हालिया घटना के बाद सिस्टम की गंभीर खामियों पर फिर सवाल खड़े करता है।
