DB l चाइनीज मांझा: जानलेवा खतरा, कानून की ढिलाई बन रही मौत की वजह…
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चाइनीज मांझे ने एक बार फिर जान ले ली। 32 वर्षीय मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव शोएब मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी हैदरगंज तिराहे के पास फ्लाइओवर पर चाइनीज मांझा उनकी गर्दन में फंस गया। अचानक हुए इस हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
यह घटना कोई पहली नहीं है। चाइनीज मांझा प्रदेश के लिए एक गंभीर और लगातार बढ़ती समस्या बन चुका है। प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम इसकी बिक्री, इस्तेमाल और ऑनलाइन उपलब्धता प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े करती है। सड़क पर चलने वाले बाइक सवार, साइकिल चालक और पैदल यात्री सबसे ज्यादा इसके शिकार हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस मामले में गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या कार्रवाई सिर्फ घटना के बाद ही होगी? हर साल दर्जनों लोग इस घातक मांझे की चपेट में आकर जान गंवाते हैं, फिर भी ज़मीनी स्तर पर रोक प्रभावी नहीं दिखती।
जरूरत है सख्त निगरानी, त्वरित कार्रवाई और जनजागरूकता की। चाइनीज मांझा केवल एक अवैध वस्तु नहीं, बल्कि चलती सड़कों पर मौत का फंदा बन चुका है। अगर अब भी ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे बार-बार दोहराते रहेंगे।
