DB l भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पीएम मोदी की पहली प्रतिक्रिया: बोले ‘धन्यवाद’, टैरिफ घटने से निर्यात और मेक इन इंडिया को रफ्तार…
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। एनडीए संसदीय दल की बैठक में शामिल होने संसद परिसर पहुंचे पीएम मोदी को जब पत्रकारों ने इस ऐतिहासिक समझौते के लिए शुभकामनाएं दीं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए सभी का धन्यवाद किया। यह छोटी-सी प्रतिक्रिया भले ही संक्षिप्त रही, लेकिन इसके संकेत बड़े माने जा रहे हैं।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले पारस्परिक टैरिफ को 25% से घटाकर 18% करने पर सहमति जताई है। इससे पहले रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर अतिरिक्त 25% पेनल्टी टैरिफ लगाया गया था, जिससे कुल शुल्क 50% तक पहुंच गया था। अब अमेरिकी प्रशासन ने इस अतिरिक्त शुल्क को हटाने का फैसला किया है। हालांकि, यह स्पष्ट होना अभी बाकी है कि नया टैरिफ कब से लागू होगा और किन-किन उत्पादों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
समझौते पर सहमति बनने के कुछ घंटों बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर आत्मविश्वास को लेकर एक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि आत्मविश्वास ही वह शक्ति है, जो विकसित भारत के सपने को साकार करेगी। पीएम मोदी द्वारा साझा किए गए संस्कृत श्लोक में यह संदेश दिया गया कि धन सही कर्म, साहस, कौशल और अनुशासन से अर्जित और सुरक्षित रहता है तथा राष्ट्र की प्रगति में योगदान देता है।

केंद्र सरकार का दावा है कि इस ट्रेड डील से भारतीय किसानों, एमएसएमई, उद्यमियों और श्रम-प्रधान क्षेत्रों को बड़ा फायदा मिलेगा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे ‘मेक इन इंडिया’ के लिए मजबूत आधार बताया। उनके अनुसार, इस समझौते से भारत को अमेरिका से आधुनिक तकनीक मिलने का रास्ता खुलेगा और भारत वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग व इनोवेशन हब के रूप में उभरेगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इसे ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों के लिए खुशखबरी बताया। उन्होंने कहा कि कम टैरिफ से भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और दोनों लोकतांत्रिक देशों के लोगों को इसका लाभ होगा।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इस डील को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट, चमड़ा, फुटवियर और समुद्री उत्पाद जैसे सेक्टरों को बड़ी राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत-अमेरिका रिश्तों को नई ऊंचाई देगा और आने वाले महीनों में भारतीय निर्यात में फिर से तेजी देखने को मिलेगी।
