DB l जबलपुर नवागत आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने आज जनसुनवाई के उपरांत नगर निगम मुख्यालय परिसर का निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान उन्होने कई स्थानों पर गंदगी पाई जिसको देखकर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की आयुक्त ने अधिकारियों कर्मचारियों को इस बात की सख्त हिदायत दी की वे कार्यालय परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनायें रखे। साथ ही स्वच्छ वातावरण में कार्य करने के निर्देश दिये। आयुक्त ने चेतावनी देते हुए कहा कि नगर निगम कार्यलय परिसर में सफाई व्यवस्था में लापरवाही करने वालो और गंदगी फैलाने वालों पर आगामी समय पर सख्त कार्यवाही की जायेगी।

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब निगम दफ्तर का हाल ही ऐसा हो, तो शहर की बस्तियों की हालत कैसे सुधरेगी? जबलपुर के कई वार्डों में आज भी नालियां जाम पड़ी हैं, कचरे के ढेर लगे रहते हैं और नियमित सफाई नहीं हो पाती। कचरा गाड़ी समय पर न आने से मोहल्लों में गंदगी का अंबार लगता जा रहा है। लोगों का कहना है कि कई इलाकों में हफ्ते भर तक कचरा नहीं उठाया जाता, जिससे बदबू फैलती है और बीमारी का खतरा बढ़ता है।

निगम की “डोर-टू-डोर कलेक्शन” योजना और सफाई मित्रों की तैनाती के बावजूद नतीजे धरातल पर नजर नहीं आते। बस्तियों में रहने वाले लोग बार-बार शिकायत करते हैं लेकिन सुनवाई कम ही होती है। दूसरी ओर, स्वच्छ भारत अभियान में जबलपुर का नाम आगे लाने का दावा किया जाता है, मगर जमीनी हकीकत इसके उलट है।

आयुक्त के सख्त रुख से उम्मीद की जा रही है कि निगम मुख्यालय से लेकर शहर की बस्तियों तक सफाई व्यवस्था में सुधार होगा। वरना सवाल बना रहेगा – जब नगर निगम के दफ्तर में ही गंदगी है, तो शहर कैसे होगा साफ?
