DB । पटना उच्च न्यायालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां हीराबेन मोदी पर बनाए गए कांग्रेस के एआई वीडियो को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश पी.बी. बाजंतरी की अदालत ने मंगलवार को आदेश जारी करते हुए कहा कि यह वीडियो सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से तत्काल हटाया जाए।

दरअसल, बिहार कांग्रेस ने 10 सितंबर को अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर एक एआई-जनरेटेड वीडियो साझा किया था। वीडियो में पीएम मोदी को सपने में उनकी दिवंगत मां नसीहत देती दिखाई गईं। वीडियो में मां के किरदार को पीएम पर राजनीतिक लाभ के लिए उनके नाम का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए दिखाया गया। भाजपा ने इस वीडियो को “शर्मनाक” और “मां का अपमान” बताया था।
भाजपा कार्यकर्ता संकेत गुप्ता की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने पहले ही एफआईआर दर्ज की है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत में कहा गया है कि वीडियो न केवल प्रधानमंत्री की छवि को धूमिल करता है, बल्कि महिलाओं की गरिमा का भी उल्लंघन है।
वहीं, कांग्रेस ने वीडियो का बचाव करते हुए कहा कि इसमें किसी तरह का अपमान नहीं है। पार्टी के मीडिया विभाग प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि यह वीडियो केवल “राजधर्म की सीख” देने जैसा है और भाजपा इसे राजनीतिक सहानुभूति बटोरने के लिए इस्तेमाल कर रही है। हालांकि, पटना हाईकोर्ट ने कांग्रेस के तर्क को खारिज करते हुए वीडियो को तुरंत हटाने का निर्देश दिया।
बिहार कांग्रेस ने आंतरिक जांच शुरू करने की बात कही है, ताकि पता लगाया जा सके कि वीडियो साझा करने के लिए कौन जिम्मेदार था। अदालत का यह आदेश आने के बाद कांग्रेस पर दबाव और बढ़ गया है।
