स्वच्छ हवा हर नागरिक का अधिकार है, और जबलपुर ने इसे साकार कर दिखाया…
जबलपुर। मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर ने एक और बड़ा मुकाम हासिल किया है। स्वच्छता सर्वेक्षण में पाँचवाँ स्थान प्राप्त करने के बाद अब शहर ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में पूरे देश में दूसरा स्थान प्राप्त कर कीर्तिमान रचा है। यह उपलब्धि नागरिकों की भागीदारी और नगर निगम की सतत कोशिशों का परिणाम है।
महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ और निगमायुक्त प्रीति यादव ने कहा कि स्वच्छ हवा केवल ज़रूरत ही नहीं बल्कि हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। प्रदूषण के इस दौर में स्वच्छ वायु स्वस्थ जीवन और सुरक्षित भविष्य की गारंटी है। जबलपुर इस दिशा में लगातार बेहतर काम कर रहा है और ग्रीन व क्लीन सिटी की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

नगर निगम द्वारा सघन पौधारोपण, ग्रीन वॉल, धूल रहित सड़कें, आधुनिक उद्यान, डी-फॉगर मशीन से फव्वारे और पाथवे जैसे कदम उठाए गए, जिससे वायु गुणवत्ता में बड़ा सुधार हुआ। इस योगदान के लिए पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, आयोग अध्यक्ष राजेश वर्मा और सचिव तन्मय कुमार ने महापौर और निगमायुक्त को सम्मानित किया। साथ ही, भारत सरकार के नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत जबलपुर को 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई।
सम्मान समारोह में स्वच्छ वायु परियोजना के नोडल अधिकारी संभव अयाची, उपायुक्त अभिनव मिश्रा और उनकी टीम भी मौजूद रही। महापौर और निगमायुक्त ने कहा कि नागरिकों के सहयोग से ही यह उपलब्धि संभव हुई है और अब लक्ष्य है –
“जबलपुर को देश का नंबर-वन ग्रीन और क्लीन सिटी बनाना।”
