DB l ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में निक्की भाटी की मौत का मामला लगातार सुर्खियों में है। 21 अगस्त की रात हुई इस घटना की शुरुआत गैस सिलेंडर फटने की कहानी से हुई थी, लेकिन पुलिस जांच और गवाहियों ने इसे संदिग्ध बना दिया। निक्की के पति विपिन भाटी, ससुर सतवीर, सास दया भाटी और देवर रोहित को पुलिस ने हत्या और दहेज उत्पीड़न की धाराओं में गिरफ्तार कर लिया है।
निक्की के पिता का आरोप है कि उनकी बेटी एक ब्यूटी पार्लर चलाती थी और सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती थी, जिससे ससुराल पक्ष खुश नहीं था। उनका सवाल है कि “क्या रील बनाना और पार्लर चलाना कोई गुनाह था?” पिता का दावा है कि निक्की की तरक्की और स्वतंत्र पहचान उसके ससुराल वालों को खल रही थी।
वहीं, निक्की के भाई ने पुलिस को बताया कि पति विपिन का लंबे समय से किसी और महिला से अफेयर था और इसी वजह से पारिवारिक विवाद बढ़ते गए। आरोप है कि विपिन और परिवार ने मिलकर निक्की को जलाया। इस बीच सोशल मीडिया पर आए कुछ CCTV फुटेज ने कहानी को उलझा दिया है। इनमें विपिन घटना के वक्त बेटे के साथ बाहर कार धोता दिख रहा है।
मामले में निक्की के छह वर्षीय बेटे का बयान सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट बन सकता है। उसने कहा कि पिता ने मां के साथ मारपीट की और लाइटर से आग लगाई। हालांकि बच्चा नाबालिग है, फिर भी भारतीय कानून में यदि उसका बयान न्यायालय की संतुष्टि के अनुसार स्वाभाविक और बिना दबाव का हो, तो इसे सशक्त साक्ष्य माना जा सकता है। ऐसे मामलों में बच्चों की गवाही को पूरी तरह नज़रअंदाज़ नहीं किया जाता, बल्कि सावधानी से परखा जाता है।
इस घटना ने समाज को झकझोर दिया है। पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने इसे “पुरातन मानसिकता का परिणाम” बताया जिसमें बेटियों को बोझ और बेटों को बीमा समझा जाता है। वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए यूपी पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा है और तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
फिलहाल, पुलिस CCTV फुटेज, वायरल वीडियो, बच्चे के बयान और मेडिकल रिपोर्ट की पड़ताल कर रही है। निक्की की मौत की गुत्थी सुलझाने में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं और मामला अब पूरी तरह सस्पेंस से भर चुका है।
