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DB । उपराष्ट्रपति पद के चुनाव को लेकर विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार घोषित किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उनके नाम की घोषणा करते हुए कहा कि यह चुनाव एक वैचारिक लड़ाई है और सभी विपक्षी दलों ने एकमत होकर रेड्डी के नाम पर सहमति जताई है। उनका मुकाबला राजग (NDA) उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से होगा, जो आरएसएस पृष्ठभूमि वाले तमिलनाडु के अनुभवी भाजपा नेता हैं।

जस्टिस रेड्डी 21 अगस्त को नामांकन दाखिल करेंगे। खरगे ने कहा कि वे भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक हैं। उन्होंने अपने लंबे कानूनी करियर में गरीबों और वंचित वर्गों के हित में कई फैसले दिए और संविधान व मौलिक अधिकारों की रक्षा की। तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी रेड्डी के नाम का समर्थन किया है।

जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई 1946 को आंध्र प्रदेश के रंगारेड्डी जिले में एक कृषक परिवार में हुआ। उन्होंने 1971 में उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद से कानून की डिग्री हासिल की और अधिवक्ता के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। वे आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में सरकारी वकील रहे और बाद में केंद्र सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील भी बने।

रेड्डी 1995 में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश, 2005 में गौहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और 2007 में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त हुए। 2011 में वे सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने एवी एजुकेशन सोसाइटी के शैक्षणिक संस्थानों के सचिव और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष के रूप में भी योगदान दिया।

विपक्ष का मानना है कि जस्टिस रेड्डी की गहरी कानूनी समझ, संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और सामाजिक न्याय के पक्षधर दृष्टिकोण उन्हें उपराष्ट्रपति पद के लिए एक सशक्त और योग्य उम्मीदवार बनाता है।

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