0 0
Read Time:3 Minute, 45 Second

महिला सुरक्षा और जेंडर समावेशिता की दिशा में बड़ा कदम ।

जबलपुर । संस्कारधानी जबलपुर ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है। भारत में महिला सुरक्षा और जेंडर समावेशिता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जबलपुर नगर निगम और संयुक्त राष्ट्र महिला संगठन (UN Women) के बीच ‘‘सेफ सिटीज’’ मॉडल के निर्माण के लिए एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए गए। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम नेताजी सुभाष चंद्र बोस संस्कृति एवं सूचना केन्द्र में आयोजित किया गया।

महापौर अन्नू ने बताया कि यह जबलपुर के लिए गौरव का विषय है कि भारत में ‘‘सेफ सिटीज’’ मॉडल की शुरुआत यहीं से हो रही है। इस कार्यशाला में संयुक्त राष्ट्र महिला की कंट्री हेड कांता सिंह, स्टेट लीड जोयत्री रे, राज्य सलाहकार हिमांशु गुप्ता, निगम अध्यक्ष रिंकू विज, निगमायुक्त प्रीति यादव, एमआईसी सदस्यगण, अपर कलेक्टर मीशा सिंह, जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल पी.एस. शेखावत, आईजी प्रमोद वर्मा सहित अनेक विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सूत्रों के अनुसार यह कार्यशाला यूनाइटेड नेशन वूमन की वैश्विक पहल ‘‘सेफ सिटी एंड सेफ पब्लिक स्पेस फॉर वीमेन एंड गर्ल्स’’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ सार्वजनिक स्थलों पर होने वाली हिंसा को रोकना, व्यवहार परिवर्तन लाना और समावेशी शहरी विकास को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम की विशेषताओं में यह भी उल्लेखनीय है कि यह देश की पहली ऐसी कार्यशाला है जो अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित है और जिसमें जनभागीदारी को प्राथमिकता दी गई है। शहर के प्रमुख हितधारकों – पर्यटन, परिवहन, शिक्षा, होटल, मॉल, पेट्रोल पंप, सार्वजनिक स्थल, और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों से सुझाव लिए गए, जिससे शहर की वास्तविक जरूरतों के अनुसार योजना बनाई जा सके।

कार्यशाला में ‘‘एनेबलिंग एंड सेफ अर्बन स्पेस’’ फ्रेमवर्क पर विचार-विमर्श हुआ। इसके आधार पर जबलपुर के सभी वार्डों में डिजिटल टूल्स और निगरानी प्रणाली की मदद से जेंडर सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा।

आगामी योजना के तहत एक संयुक्त रोडमैप तैयार किया जाएगा जिसमें महिला सुरक्षा को लेकर व्यवहार परिवर्तन, आईईसी गतिविधियां, सामुदायिक सहभागिता और संस्थागत समन्वय पर जोर रहेगा। जबलपुर का यह मॉडल आने वाले समय में भोपाल, इंदौर, उज्जैन और पन्ना जैसे शहरों में भी लागू किया जाएगा, जिससे मध्यप्रदेश को जेंडर समावेशी विकास में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %