0 0
Read Time:2 Minute, 10 Second

DB । संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत विपक्ष के हंगामे के साथ हुई है। पहले तीन दिन दोनों सदनों में कोई विशेष कामकाज नहीं हो सका। विपक्षी दल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण व सत्यापन (SIR) को लेकर लगातार सरकार से जवाब की मांग कर रहे हैं। इस राजनीतिक टकराव के बीच बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की अहम बैठक हुई जिसमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा की तारीख और समय तय कर दिया गया।

बैठक में निर्णय हुआ कि ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा लोकसभा में 28 जुलाई और राज्यसभा में 29 जुलाई को होगी। इस चर्चा के लिए दोनों सदनों में 16-16 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। यह बहस संसद के इस सत्र की सबसे अहम राजनीतिक गतिविधि मानी जा रही है।

बैठक में विपक्ष की ओर से यह भी मांग की गई कि चर्चा 24 जुलाई से ही शुरू की जाए, लेकिन सरकार ने प्रधानमंत्री के विदेश दौरे का हवाला देते हुए इसे अस्वीकार कर दिया। इसके अलावा विपक्ष ने अन्य अहम मुद्दों पर शॉर्ट ड्यूरेशन डिस्कशन की मांग भी रखी।

विपक्षी दलों ने यह प्रस्ताव भी रखा कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठकें हर सप्ताह नियमित रूप से आयोजित की जाएं, ताकि सदन की कार्यसूची को बेहतर ढंग से तय किया जा सके और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सके।

अब सबकी निगाहें 28 और 29 जुलाई को होने वाली इस विस्तृत चर्चा पर टिकी हैं, जहां ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने होंगे।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %