पश्चिम एशिया में इज़राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध ने अब अंतरराष्ट्रीय रूप ले लिया है। दोनों देशों में रह रहे हजारों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार सतर्क हो गई है। विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों में भारतीय दूतावासों को चौकस रहने और 24×7 हेल्पलाइन सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, ईरान में लगभग 5,000 और इज़राइल में करीब 18,000 भारतीय नागरिक निवासरत हैं। इनमें से अधिकांश छात्र, नर्स, केयरगिवर, श्रमिक और इंजीनियरिंग/IT प्रोफेशनल्स हैं। इसराइल में बेंगलुरु पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (बी-पैक) का 18 सदस्यों वाला प्रतिनिधिमंडल पिछले तीन दिनों से फंसा हुआ है।
तेहरान में पढ़ाई कर रही छात्रा आयुषी ने बताया: “क्लासेज़ बंद हैं, हॉस्टल के बेसमेंट में रहना पड़ रहा है। खाने-पीने की चीज़ें धीरे-धीरे कम हो रही हैं। हम दूतावास के संपर्क में हैं।”
इज़राइल के हाइफ़ा में कार्यरत नर्स राजकुमारी देवी कहती हैं: “सायरन बजते ही हमें मरीजों को बंकर में शिफ्ट करना पड़ता है। डर तो लगता है लेकिन काम नहीं रोक सकते।”
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि भारत सरकार दोनों देशों की स्थिति पर नजर रखे हुए है-
“अभी तक सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। लेकिन अगर युद्ध और भड़कता है, तो हम आवश्यकतानुसार ‘वंदे भारत मिशन’ जैसी बड़ी निकासी योजना शुरू कर सकते हैं।”
भारतीय वायुसेना और एयर इंडिया को “ऑपरेशनल स्टैंडबाय” पर रखा गया है।
इज़राइल और ईरान के बीच चल रहा यह युद्ध न केवल वैश्विक स्थिरता के लिए खतरा बनता जा रहा है, बल्कि भारत समेत दुनिया के कई देशों के नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी चुनौती बन चुका है। भारत सरकार हर स्थिति के लिए तैयार है, लेकिन आशा की जा रही है कि कूटनीतिक प्रयासों से यह संकट जल्द खत्म हो।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसराइल और ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइज़री जारी की है।
विदेश मंत्रालय ने इसराइल में रहने वाले भारतीयों से’सतर्क रहने और इसराइली अधिकारियों की तरफ़ से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान में भारतीय दूतावास, सुरक्षा हालात पर लगातार नज़र बनाए हुए है और वहां मौजूद भारतीय छात्रों से संपर्क में है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
