आज (18 जून 2025) वाशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस के कैबिनेट रूम में डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के फ़ील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनिर के बीच लंच मीटिंग निर्धारित है। यह दोनों के बीच इस स्तर की पहली औपचारिक बातचीत है, जो पिछले 15 वर्षों में सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल है ।
इस बात में कोई संदेह नहीं है कि डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान से ईरान के खिलाफ सहयोग मांगेंगे, अगर अमेरिका इसराइल और ईरान के जंग में हिस्सा लेता है तो पाकिस्तान का एयरबेस इस्ते्माल कर सकता है।
अमेरिका के राष्ट्रेपति का एक आर्मी चीफ से मिलना खुद पाकिस्ताानयों के समझ से बहार है। यह मीटिंग ट्रंप की दूसरी कार्यकाल की विदेश नीति में एक बड़ा बदलाव दर्शाती है, खासकर भारत-पाकिस्तान तनाव और इरान की स्थिति को देखते हुए ।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि भारत किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करेगा, चाहे वह कौन भी हो। उन्होंने घोषणा की कि भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रतिबद्ध रहेगा, और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जारी रहेगा ।
ट्रंप और मुनिर की लम्बी मीटिंग मे , भारत के ऑपरेशन सिन्दूर, कश्मीर मामले, इन सब में चर्चा जरुर होगी।
पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने भाषण देकर भारत को खुली चुनौती दी है इस भाषण में मुनीर ने भारत के खिलाफ विजय का दावा किया और कश्मीर को पाकिस्तान की जान की नस बताया। उन्होंने भारत की कूटनीति को कमजोर बताते हुए कहा कि पाकिस्तान की सैन्य और राजनीतिक एकता एक शरीर और आत्मा की तरह है, मुनीर ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तानी सैनिक भारत का सामना करने के लिए बेताब हैं ।
भारत को अपनी कूटनीति को और मजबूत करना होगा, ताकि वह वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को प्रभावी ढंग से रख सके, मुनीर की आक्रामकता के पीछे अमेरिका का रणनीतिक हित हो सकता है, लेकिन इसका असर भारत-पाक के संबंधों पर होगा।
