लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। नदियाँ उफान पर हैं, सड़कों पर पानी भर गया है और कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएँ सामने आई हैं। सिक्किम जैसे पर्वतीय राज्य में बारिश ने विशेष रूप से तबाही मचाई है ।
सिक्किम में भारी बारिश और भूस्खलन ने तबाही मचाई है। उत्तर सिक्किम के मंगन जिले में 1,500 से अधिक पर्यटक विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं, जबकि कई लोग लापता हैं। इन घटनाओं में छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है ।
मंगन, चुंगथांग, लाचेन और लाचुंग जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में भूस्खलन और बाढ़ ने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे इन क्षेत्रों का संपर्क देश के अन्य हिस्सों से कट गया है ।
सांकलांग पुल और अन्य महत्वपूर्ण पुलों के ढहने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। इसके परिणामस्वरूप मंगन जिले का संपर्क राज्य के अन्य हिस्सों से पूरी तरह से कट गया है , मांगल और चुंगथांग का संपर्क भी भूस्खलन के कारण पूरी तरह से टूट गया है, जिससे इन क्षेत्रों में राहत कार्यों में कठिनाई आ रही है।
सरकार द्वारा हेलिकॉप्टर के माध्यम से बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके । राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), सिक्किम पुलिस, ITBP और अग्निशमन दल के संयुक्त प्रयासों से लापता लोगों की खोज जारी है। हालांकि, लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण राहत कार्यों में कठिनाई आ रही है । भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों के लिए राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
लगातार भारी बारिश के कारण तीस्ता नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इससे मंगन जिले में स्थित संकलांग पुल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है, जो क्षेत्रीय संपर्क को बाधित कर रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगन जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिससे अत्यधिक बारिश और संबंधित खतरों की चेतावनी दी गई है। तीस्ता नदी के उफान से मंगन और चुंगथांग जैसे क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नदी के किनारे बसे कई गांवों में जलभराव हो गया है, जिससे स्थानीय निवासियों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने से राहत कार्यों में कठिनाई आ रही है।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। स्थानीय अधिकारियों ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। साथ ही, नदी के पास यात्रा करने से बचने की भी चेतावनी दी गई है।
सिक्किम में इस समय स्थिति गंभीर बनी हुई है, और स्थानीय प्रशासन एवं राहत एजेंसियाँ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
