0 0
Read Time:3 Minute, 14 Second

पटना । बिहार सरकार ने एक तरफ राज्य के करोड़ों उपभोक्ताओं को राहत देते हुए हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा की है, तो वहीं दूसरी ओर बिजली चोरी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का भी फैसला किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा घोषित इस योजना के तहत सभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 125 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी, लेकिन यह लाभ केवल उन्हीं लोगों को दिया जाएगा, जिनके पास कानूनी रूप से वैध और मीटरयुक्त बिजली कनेक्शन होगा।

सरकार ने साफ कर दिया है कि मुफ्त बिजली का लाभ उठाने के लिए मीटर लगवाना अनिवार्य होगा। अवैध तरीके से बिजली का उपयोग करने वालों को अब किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी। ऊर्जा विभाग के अनुसार, राज्य में बिजली चोरी से न केवल राजस्व की हानि होती है, बल्कि पूरे पावर ग्रिड पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यही कारण है कि अब सरकार बिजली चोरी पर नियंत्रण के लिए राज्यव्यापी अभियान चलाने जा रही है।

इस अभियान के तहत विशेष फ्लाइंग स्क्वॉड बनाए गए हैं जो नियमित रूप से क्षेत्रों में जाकर बिजली चोरी की निगरानी करेंगे। पकड़े जाने पर संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों को वैध रूप से बिजली कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित करना है ताकि राज्य में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और स्थिरता बनी रहे।

सरकार की इस दोहरी रणनीति – मुफ्त बिजली और सख्त निगरानी – से न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि बिजली वितरण प्रणाली को भी अधिक पारदर्शी और नियंत्रित बनाया जा सकेगा। यह कदम प्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।

यह घोषणा ऐसे समय पर की गई है जब राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर है। विपक्ष ने इस फैसले को चुनावी चाल बताते हुए आलोचना की है, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन ने इसे जनता के हित में उठाया गया ऐतिहासिक कदम बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से राज्य के वित्त पर भारी दबाव पड़ सकता है, लेकिन यह जनता को सीधा लाभ पहुंचाने वाली पहल है।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %