DB l लेह में पिछले हफ्ते हुई हिंसा और तनाव के बाद अब हालात सामान्य होते नजर आ रहे हैं। प्रशासन ने शुक्रवार से कक्षा आठ तक के सभी स्कूलों और बाजारों को खोलने की अनुमति दे दी है। साथ ही तीन अक्टूबर से सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक सार्वजनिक परिवहन के तहत छोटी बसों के संचालन की भी अनुमति दी गई है। हालांकि अधिकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि निषेधाज्ञा का सख्ती से पालन किया जाएगा और पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर अब भी प्रतिबंध रहेगा।
यह आदेश सहायक आयुक्त (राजस्व) शब्बीर हुसैन ने जिला अधिकारी के निर्देश पर जारी किया। उन्होंने कहा कि बसों और अन्य गतिविधियों की अनुमति केवल भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 के तहत निर्धारित शर्तों का पालन करने पर ही मान्य होगी।

गौरतलब है कि लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लेह एपेक्स बॉडी (LAB) की ओर से बुलाए गए बंद के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। इस हिंसा में चार युवकों की मौत हो गई थी और करीब 90 लोग घायल हुए थे। हिंसा में कथित संलिप्तता को लेकर 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें से 26 को बृहस्पतिवार को रिहा कर दिया गया। इसके साथ ही कर्फ्यू में पहली बार पूरे दिन की ढील दी गई, जिससे आम जनजीवन पटरी पर लौटता दिखाई दिया।
इस बीच, लद्दाख बौद्ध संघ (LBA) और अखिल लद्दाख गोंपा संघ (ALGA) ने संयुक्त रूप से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर मारे गए युवकों को याद किया और महात्मा गांधी जयंती पर भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। दोनों संगठनों ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों द्वारा कथित तौर पर किए गए अत्यधिक बल प्रयोग और अंधाधुंध गोलीबारी की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है।
लेह प्रशासन और स्थानीय संगठनों के बीच संवाद जारी है। फिलहाल, उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में पूरी तरह शांति बहाल होगी और जनजीवन पूरी रफ्तार से पटरी पर लौट आएगा।
