0 0
Read Time:3 Minute, 9 Second

अयोध्या में 5 जून 2025 को गंगा दशहरा के शुभ अवसर पर राम दरबार की भव्य प्राण प्रतिष्ठा आयोजित की जाएगी। इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

इससे पहले, 3 जून को यज्ञ मंडप पूजन की रस्म अदा की जाएगी। आयोजन की तैयारियाँ युद्धस्तर पर चल रही हैं, ताकि कार्यक्रम को भव्य और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न किया जा सके। हालांकि, शेषावतार मंदिर का निर्माण कार्य अभी अधूरा है, परंतु इसके बावजूद धार्मिक आयोजन को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न करने की योजना है।

इस आयोजन में कुल 14 मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी, जिनमें राम दरबार सहित 7 प्रमुख मंदिर शामिल हैं। इनमें महर्षि वाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वशिष्ठ, निषादराज, अहिल्या और शबरी के मंदिर प्रमुख हैं। इन मंदिरों का निर्माण मकराना के सफेद संगमरमर से किया गया है, जो उनकी भव्यता को और बढ़ाता है। मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए श्रद्धालुओं को पूर्व दिशा में बने सिंह द्वार से प्रवेश करना होगा, जिसके बाद वे रंग मंडप, नृत्य मंडप और अंत में गर्भगृह तक पहुँचेंगे।

इस धार्मिक अनुष्ठान में देशभर से 101 वैदिक विद्वान भाग लेंगे, जो वैदिक विधि-विधान से अनुष्ठानों का संचालन करेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य हिंदू समाज की आस्था को सुदृढ़ करना और सनातन परंपराओं को आगे बढ़ाना है।

अयोध्या में इस आयोजन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। शहर को अभेद्य किला बना दिया गया है और लगभग 13,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। साथ ही, शहर में यातायात व्यवस्था को भी सुव्यवस्थित किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

इस भव्य आयोजन के साथ ही अयोध्या में राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा ने धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक नया अध्याय जोड़ा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %