DB । जीएसटी में बड़े बदलाव को लेकर अब अहम अपडेट सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर जीएसटी रिफॉर्म का ऐलान किया था और अब 3-4 सितंबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस पर महत्वपूर्ण फैसला लिया जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार कई रोजमर्रा के सामानों को जीरो जीएसटी स्लैब में शामिल करने की तैयारी में है।
सूत्रों के अनुसार, इस लिस्ट में खासतौर पर फूड प्रोडक्ट शामिल होंगे। इनमें यूएचटी दूध, प्री-पैकेज्ड पनीर, पिज्जा ब्रेड और रोटी को जीरो स्लैब में लाने का प्रस्ताव है। इतना ही नहीं, अब तक 18% जीएसटी के दायरे में आने वाले रेडी टू ईट पराठे को भी छूट दी जा सकती है। इसका मकसद रोजमर्रा की जरूरत की चीजों को सस्ता करना है।
फूड आइटम्स के अलावा शिक्षा से जुड़े सामानों को भी राहत देने की तैयारी है। काउंसिल में मानचित्र, एटलस, ग्लोब, शैक्षिक चार्ट, पेंसिल-शार्पनर, प्रैक्टिस बुक, ग्राफ बुक और लैबोरेटरी नोटबुक जैसी चीजों को जीएसटी से पूरी तरह मुक्त करने पर चर्चा होगी। फिलहाल इन पर 12% तक टैक्स लगाया जाता है।

हैंडलूम उत्पादों और कच्चे रेशम पर पहले से जारी छूट को बनाए रखने की सिफारिश की गई है, जिससे बुनकरों और कारीगरों को राहत मिलेगी। इसके साथ ही मक्खन, गाढ़ा दूध, जैम, मशरूम, खजूर, मेवे और नमकीन जैसे प्रोडक्ट्स पर टैक्स दर 12% से घटाकर 5% करने का प्रस्ताव है।
अधिकारियों के मुताबिक, इन बदलावों से जीएसटी स्ट्रक्चर को सरल बनाने और स्लैब की संख्या कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही आम परिवारों और छात्रों को सीधी राहत मिलेगी। हालांकि अंतिम फैसला 56वीं जीएसटी काउंसिल बैठक में लिया जाएगा, जो अगले हफ्ते दिल्ली में आयोजित होगी।
दिवाली से पहले जीएसटी में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है, जिससे आम आदमी की जेब पर बोझ हल्का होगा और शिक्षा व खाद्य वस्तुएं और भी किफायती हो जाएंगी।
