DB l असम विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर असम पुलिस की टीम पहुंची, जो मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर कार्रवाई कर रही है।
यह मामला तब शुरू हुआ जब पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम और उनकी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि रिंकी सरमा के पास यूएई, मिस्र और एंटीगुआ-बारबुडा सहित तीन देशों के पासपोर्ट हैं, जबकि भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है। साथ ही उन्होंने विदेशों में करोड़ों की संपत्तियों और अमेरिका में कंपनी होने का भी आरोप लगाया।

इन आरोपों के बाद रिंकी सरमा ने उन्हें फर्जी और मानहानिकारक बताते हुए एफआईआर दर्ज कराई। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी आरोपों को “मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित” बताते हुए कानूनी कार्रवाई की बात कही। एफआईआर के बाद असम पुलिस दिल्ली पहुंची और स्थानीय पुलिस को सूचित कर खेड़ा के घर पर छापेमारी की। हालांकि, उस समय पवन खेड़ा अपने आवास पर मौजूद नहीं मिले। जानकारी के मुताबिक पुलिस कुछ दस्तावेज अपने साथ लेकर गई है और उन्हें तलाशने की बात कही है।
इस कार्रवाई पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब असम की 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होना है और चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण में है। ऐसे में यह विवाद चुनावी माहौल को और ज्यादा गरमा सकता है।
