DB l उपेंद्र कुशवाहा संग सुलह से बीजेपी का बड़ा दांव…
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले बीजेपी ने सियासी बाज़ी पलटने की तैयारी शुरू कर दी है। भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की दिल्ली में हुई मुलाकात इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। इस सुलह में बीजेपी नेताओं की सक्रिय भूमिका रही। खास बात यह रही कि पवन सिंह ने मुलाकात के दौरान उपेंद्र कुशवाहा का पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया, जिससे सियासी मैसेज साफ हो गया कि अब दोनों मिलकर NDA को मजबूत करेंगे।

दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 में काराकाट सीट से पवन सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। नतीजा यह हुआ कि उपेंद्र कुशवाहा तीसरे स्थान पर चले गए और महागठबंधन उम्मीदवार राजा राम सिंह ने जीत दर्ज की। पवन सिंह की उम्मीदवारी का असर इतना गहरा रहा कि आरा और औरंगाबाद जैसी सीटों पर भी बीजेपी को हार झेलनी पड़ी। इसीलिए अब बीजेपी चाहती है कि पवन सिंह और उपेंद्र कुशवाहा साथ आएं ताकि राजपूत और कुशवाहा वोटों का बिखराव न हो।

सूत्रों के मुताबिक 5 अक्टूबर को पवन सिंह औपचारिक रूप से बीजेपी में फिर से शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि उन्हें आरा सीट से NDA उम्मीदवार बनाया जा सकता है। अगर ऐसा हुआ तो शाहाबाद क्षेत्र (भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर) की 22 विधानसभा सीटों पर बीजेपी को सीधा फायदा मिल सकता है।
पवन सिंह की लोकप्रियता और युवा-ग्रामीण इलाकों में पकड़ को देखते हुए बीजेपी उन्हें चुनावी चेहरा बनाकर मैदान में उतार सकती है। उनकी सियासत में सक्रियता बढ़ रही है और पत्नी ज्योति सिंह भी चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। ऐसे में पवन सिंह की NDA में रीएंट्री सिर्फ एक चेहरा नहीं, बल्कि बड़ा वोट बैंक और स्टार पावर साथ लाएगी।
