बिहार की सियासत में प्रशांत किशोर के विस्फोटक खुलासों से मचा भूचाल…
DB l बिहार की राजनीति में सोमवार को जबरदस्त हलचल मच गई, जब जन सुराज के मुखिया और चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर (PK) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई सनसनीखेज खुलासे किए। फंडिंग पर उठे सवालों का जवाब देते हुए पीके ने अपनी तीन साल की कमाई का पूरा हिसाब सामने रखा और साथ ही डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और मंत्री अशोक चौधरी पर गंभीर आरोप जड़ दिए।

प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्हें चुनावी रणनीति और सलाहकार कार्य से तीन साल में ₹241 करोड़ मिले हैं। इनमें से ₹30 करोड़ जीएसटी और ₹20 करोड़ इनकम टैक्स सरकार को दिया गया, जबकि ₹98 करोड़ उन्होंने जन सुराज अभियान के लिए दान किया। उन्होंने कहा – “मैं चोरी नहीं करता, जो सलाह देता हूं, उसका पैसा लेता हूं और उसे बिहार के सुधार में खर्च करता हूं।” पीके ने यह भी बताया कि एक कंपनी (नवयुगा कंस्ट्रक्शन) ने सिर्फ दो घंटे की सलाह के लिए उन्हें ₹11 करोड़ का भुगतान किया था।

लेकिन असली धमाका तब हुआ, जब पीके ने सत्ता के बड़े चेहरों पर हमला बोला। उन्होंने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी पर छह हत्याओं का आरोपी होने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि सम्राट चौधरी पर शिल्पी गौतम रेप और मर्डर केस से लेकर तारापुर केस नंबर 44/1995 तक कई गंभीर मामले दर्ज रहे हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे व्यक्ति को पद से हटाया जाए, वरना उनकी पार्टी प्रधानमंत्री को पत्र लिखेगी और अदालत भी जाएगी।

इसके बाद पीके ने मंत्री अशोक चौधरी को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वैभव विकास ट्रस्ट के जरिए ₹100 करोड़ से ज़्यादा की जमीन खरीदी गई, लेकिन इस धन का स्रोत स्पष्ट नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया – “क्या यह पैसा शादी-ब्याह के बाद अचानक आसमान से बरसा है?” इसके अलावा, उन्होंने हाल ही में सामने आए उस मामले का जिक्र किया, जहां एक इंजीनियर ने करोड़ों रुपये के नोट जलाए थे। पीके का दावा है कि यह पैसा भी अशोक चौधरी के कमीशन का था।
उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक चौधरी ने 20 हजार करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट में 5% कमीशन लिया है और हर रिलीज पर कमीशन की रकम वसूली जा रही है। पीके ने चेतावनी दी कि अगर अशोक चौधरी इस्तीफ़ा नहीं देंगे तो उनका जनता के बीच घेराव होगा और वे राज्यपाल तक शिकायत लेकर जाएंगे।
