कोलकाता में आयोजित एक रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कम्युनिस्टों और फिर TMC ने बंगाल को अपराध और भ्रष्टाचार का गढ़ बना दिया है।
शाह ने कहा कि ममता बनर्जी के शासन में “घुसपैठियों को वोटर कार्ड और आधार कार्ड दिए जा रहे हैं” और “बंगाल में बम धमाकों की आवाजें गूंज रही हैं” ।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने घुसपैठियों को संरक्षण दिया और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का विरोध किया, जबकि यह कानून शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए है। शाह ने कहा कि “ममता दीदी हमें शरणार्थियों को नागरिकता देने से रोक नहीं पाएंगी” ।
इसके अलावा, शाह ने TMC नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, जैसे कि “ज्योतिप्रिय मलिक, अनुव्रत मंडल और पार्थ चटर्जी ने गाय तस्करी, कोयला तस्करी और भर्ती घोटालों के माध्यम से बंगाल की जनता का खरबों रुपये खा लिया” ।
अंत में, शाह ने दावा किया कि 2026 में बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी और “बंगाल के लोग TMC को सत्ता से बाहर करेंगे” ।
इसके जवाब में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि विपक्षी दलों को सस्ती राजनीति छोड़कर बंगाल की जनता के हित में काम करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने हाल ही में कोलकाता में एक महिला चिकित्सक के साथ हुई बलात्कार और हत्या की घटना पर राजनीति की, जबकि राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपी को 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया ।
ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि विपक्षी दलों का उद्देश्य बंगाल को अस्थिर करना है, लेकिन राज्य सरकार ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा, “बंगाल को बांग्लादेश नहीं बनने देंगे” ।
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ममता बनर्जी और TMC सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था बर्बाद हो गई है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है ।
इन बयानों से यह स्पष्ट है कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी और TMC को चुनौती देने के लिए तैयार हैं ।
आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा और TMC के बीच तीव्र राजनीतिक संघर्ष देखने को मिलेगा ।
