जबलपुर l नगर निगम ने स्वच्छता के क्षेत्र में एक अभिनव कदम उठाते हुए पूजन सामग्री के निस्तारण की नई व्यवस्था शुरू की है। इस नवाचार के अंतर्गत अब मंदिरों और घरों की पूजन सामग्री को जल स्रोतों में विसर्जित नहीं किया जाएगा, बल्कि नगर निगम द्वारा संचालित मंदिरों में रखे गए विशेष डस्टबिनों में डाला जाएगा। इन डस्टबिनों में जमा की गई पूजन सामग्री को दो नई इलेक्ट्रिक वाहनों की मदद से नगर निगम के कम्पोस्ट प्लांट तक पहुँचाया जाएगा, जहां इसका पुन: उपयोग किया जाएगा।
इस योजना की शुरुआत महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, एम.आई.सी. सदस्य राम सोनकर, डॉ. सुभाष तिवारी, दामोदर सोनी, श्रीमती अंशुल राघवेन्द्र यादव, पार्षद हर्षित यादव, निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव, उपायुक्त संभव अयाची, स्वास्थ्य अधिकारी सुश्री अंकिता बर्मन, सहायक यंत्री अभिनव मिश्रा, स्वास्थ्य अधिकारी अर्जुन यादव, निरीक्षक सौरभ तिवारी और तकनीकी अधिकारी बलेन्द्र शुक्ला की उपस्थिति में की गई। शुभारंभ अवसर पर रानीताल स्थित हनुमान मंदिर से पूजन सामग्री उठाकर प्लांट तक पहुँचाई गई।

यह नवाचार न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम है, बल्कि इससे संस्कारधानी की मातृशक्ति को नए रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पूजन सामग्री से स्व-सहायता समूह की महिलाएं अगरबत्ती, धूपबत्ती और ऑर्गेनिक खाद तैयार करेंगी, जिससे उनके आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रशस्त होगा।
नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज ने कहा कि इससे अब जल स्रोतों में पूजन सामग्री के बहाव पर रोक लगेगी, जिससे नदियों और तालाबों का प्रदूषण घटेगा। इसके साथ ही धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए उन सामग्रियों का बेहतर उपयोग संभव होगा।

निगमायुक्त प्रीति यादव ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो और अधिक गाड़ियाँ एवं प्लांट भी शुरू किए जाएंगे। उन्होंने इसे स्वच्छता और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। इस तरह जबलपुर नगर निगम का यह प्रयास स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण—तीनों क्षेत्रों में एक अनुकरणीय मिसाल पेश करता है।
