DB l विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में जानकारी दी है कि साल 2025 में अब तक अमेरिका ने 1,703 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया है। इनमें 141 महिलाएं भी शामिल हैं। यह आंकड़ा 22 जुलाई 2025 तक का है। वर्ष 2020 से 2024 के बीच कुल 5,541 भारतीयों को अमेरिका से भारत वापस भेजा गया। वहीं, सिर्फ 2025 के पहले सात महीनों में ही यह संख्या 1,703 तक पहुंच गई है।
राज्यवार आंकड़ों के अनुसार, डिपोर्ट किए गए भारतीयों में सबसे अधिक 620 लोग पंजाब से हैं, इसके बाद हरियाणा से 604, गुजरात से 245, उत्तर प्रदेश से 87, महाराष्ट्र से 29 और बाकी अन्य राज्यों से हैं।
इसके अलावा ब्रिटेन से भी पिछले पांच वर्षों (2020-2024) में कुल 311 भारतीय नागरिकों को निर्वासित किया गया, जबकि 2025 में अब तक यह संख्या 131 हो चुकी है।
सरकार ने बताया कि विदेश मंत्रालय संबंधित भारतीय मिशनों के माध्यम से डिपोर्ट किए गए नागरिकों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। इसमें यात्रा दस्तावेज जारी करना, कानूनी सहायता प्रदान करना और भारत वापसी की सुविधा शामिल है।
डिपोर्ट की बढ़ती संख्या ने अवैध रूप से विदेशों में रह रहे या प्रवास के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले भारतीयों की स्थिति पर चिंता बढ़ाई है। सरकार ने इस पर निगरानी रखने और अवैध प्रवास को हतोत्साहित करने की बात कही है।
इसके अलावा, विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में बताया कि पनामा से 72 भारतीय नागरिक व्यावसायिक उड़ानों के जरिए अलग-अलग समय पर भारत लौटे। वहीं, अमेरिका से भी 767 भारतीयों को व्यावसायिक उड़ानों के माध्यम से भारत भेजा गया।
इन सभी को निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत भारत लाया गया, जिसमें दूतावासों और उच्चायोगों ने आवश्यक यात्रा दस्तावेज जारी कर सहयोग प्रदान किया। मंत्रालय ने यह भी सुनिश्चित किया कि लौटने वाले नागरिकों को भारत में सुरक्षित और सम्मानजनक ढंग से पुनर्स्थापित किया जाए।
