DB l जबलपुर से गाजियाबाद तक फैला साइबर जाल…
देशभर में ऑनलाइन ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। अब साइबर अपराधियों ने लोगों के मोबाइल और बैंक खातों पर वार करने के लिए आरटीओ चालान का झांसा देना शुरू कर दिया है। जबलपुर और गाजियाबाद में ऐसे दो बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें पीड़ितों के खाते से लाखों रुपये साफ कर दिए गए।

जबलपुर के बल्देवबाग निवासी 47 वर्षीय परिवहन कारोबारी हरि प्रसाद यादव के मोबाइल पर 18 अगस्त को आरटीओ के नाम से ई-चालान का मैसेज आया। इसमें ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने का 500 रुपये चालान लिखा था। जैसे ही उन्होंने लिंक क्लिक किया, उनका व्हाट्सएप हैक हो गया और लगातार ओटीपी आने लगे। 24 अगस्त को उनके खाते से 59,700 रुपये किसी मोहम्मद सद्दाम के खाते में ट्रांसफर हो गए। इसके अलावा उनके व्हाट्सएप नंबर से परिचितों को भी संदिग्ध मैसेज जाने लगे। शिकायत पर लार्डगंज थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ।

वहीं, गाजियाबाद के मुरादनगर निवासी गौरव शर्मा भी इसी ठगी का शिकार हुए। 16 सितंबर को परिवार के व्हाट्सएप ग्रुप पर आए आरटीओ चालान लिंक को उन्होंने क्लिक कर ऐप डाउनलोड कर लिया। तीन दिन बाद उनका मोबाइल हैक हो गया। सुबह 9 बजे अचानक उनके फोन पर ओटीपी और बैंक डेबिट मैसेज आने लगे। ठगों ने उनके खाते से करीब 6.40 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लिए। गौरव ने तत्काल बैंक पहुंचकर खाता ब्लॉक कराया और साइबर थाने में मामला दर्ज कराया।
इन दोनों घटनाओं ने साफ कर दिया है कि साइबर ठग तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को नई-नई चालों से निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है और लोगों से अपील की है कि संदिग्ध लिंक या ई-चालान पर क्लिक करने से बचें।
