DB l दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए एशिया कप 2025 फाइनल ने इतिहास रच दिया। भारत ने पाकिस्तान को सांस रोक देने वाले मुकाबले में 5 विकेट से हराकर नौंवी बार एशिया कप ट्रॉफी अपने नाम की। लेकिन यह जीत केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रही। मैदान से लेकर ट्रॉफी सेरेमनी तक, सब कुछ विवादों, ड्रामे और गर्व से लबरेज रहा।

भारत ने शुरुआत में ही दो विकेट जल्दी गंवा दिए और 20 रन पर तीसरा झटका भी लग गया। लेकिन तभी तिलक वर्मा क्रीज पर डटे और नाबाद 69 रन की पारी खेलते हुए टीम को संकट से उबारा। पाकिस्तान ने उन्हें 14वें ओवर में रन आउट करने का आसान मौका गंवाया। पूर्व कप्तान मिस्बाह उल हक ने इसे हार की सबसे बड़ी वजह बताया—“वहां मैच खत्म हो सकता था, लेकिन हमने चांस गंवा दिया।” तिलक और शिवम दुबे ने मिलकर पाकिस्तान के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाईं और आखिरी 2 गेंद रहते भारत को जीत दिलाई।
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने फाइनल के बाद बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वह अपनी पूरी मैच फीस भारतीय सेना और पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों को दान करेंगे। सूर्या का यह कदम 140 करोड़ भारतीयों के दिलों को छू गया। सोशल मीडिया पर उनका यह बयान छा गया—“आप हमेशा मेरी सोच में रहते हैं। जय हिंद।”
मैच जीतने के बाद जो दृश्य सामने आए, उसने क्रिकेट इतिहास में एक नया मोड़ जोड़ दिया। भारतीय टीम ने पाकिस्तान के गृहमंत्री और एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया। करीब एक घंटे तक नकवी स्टेज पर खड़े रहे, लेकिन भारतीय खिलाड़ी नहीं पहुंचे। अंततः भारत ने बिना ट्रॉफी उठाए ही मैदान पर जश्न मनाया। ऐसा पहली बार हुआ जब विजेता टीम ने ट्रॉफी लिए बिना फोटो खिंचवाई।

हार के बाद पाकिस्तान का बर्ताव और भी शर्मनाक रहा। कप्तान सलमान आगा ने रनर-अप का चेक नकवी के सामने ही फेंक दिया और पूरी टीम ड्रेसिंग रूम में बंद हो गई। दर्शकों की हूटिंग के बीच पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने मैदान पर लौटने से इनकार कर दिया। यह दृश्य पाकिस्तान क्रिकेट की बदहाली और हताशा की तस्वीर बन गया।
एशिया कप 2025 के इस फाइनल ने एक बार फिर साबित किया कि भारत-पाकिस्तान मुकाबला सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि जज्बातों का संग्राम है। भारत ने पाकिस्तान को टूर्नामेंट में तीसरी बार हराया और यह दिखा दिया कि दबाव में भी टीम इंडिया अडिग है। “ऑपरेशन तिलक” से शुरू हुआ यह संग्राम आखिरकार पाकिस्तान की हार और भारत के ऐतिहासिक जश्न पर खत्म हुआ।
