DB l पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में गुरुवार को 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान जारी है। भारी सुरक्षा व्यवस्था और छिटपुट हिंसा की घटनाओं के बीच दोपहर 1 बजे तक 62.18% वोटिंग दर्ज की गई, जो इस चरण में उत्साहजनक मानी जा रही है।
इस चरण में करीब 3.6 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, जबकि 1,478 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। राज्यभर में 44 हजार से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 7,384 बूथों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। लगभग 5,444 बूथों का संचालन महिलाओं द्वारा किया जा रहा है, वहीं 200 से अधिक मॉडल बूथ भी स्थापित किए गए हैं।

चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच माना जा रहा है। मतदान के दौरान कई जगहों पर तनाव और हिंसा की खबरें भी सामने आई हैं। मुर्शिदाबाद के नौदा क्षेत्र में देसी बम फेंके जाने से कई लोग घायल हो गए, जबकि मालदा और अन्य इलाकों में ईवीएम खराबी को लेकर विवाद देखने को मिला।
कुमारगंज में भाजपा उम्मीदवार पर हमले का आरोप लगा है, वहीं सिलीगुड़ी और अन्य क्षेत्रों में समर्थकों के बीच झड़प और कहासुनी की घटनाएं भी सामने आई हैं। इसके बावजूद कई इलाकों में मतदाताओं की लंबी कतारें दिखीं, जिससे लोकतंत्र के प्रति लोगों का उत्साह साफ नजर आया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनावी रैली में तृणमूल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में विकास के वादे अधूरे रहे हैं। वहीं उन्होंने पहले चरण के मतदान को लेकर कहा कि “50 सालों में सबसे कम हिंसा” हुई है और इसके लिए चुनाव आयोग की सराहना की।
दूसरी ओर, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी और अन्य नेताओं ने चुनाव में गड़बड़ी और धमकियों के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने केंद्रीय बलों की तैनाती को संतोषजनक बताया।
कुल मिलाकर, हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप के बीच बंगाल में पहले चरण का मतदान तेज रफ्तार से जारी है। अब सबकी नजर अगले चरण और अंतिम नतीजों पर टिकी है, जो राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।
