DB l भारत में लगातार बढ़ती भीषण गर्मी अब केवल मौसम या स्वास्थ्य से जुड़ी नहीं रह गई है, बल्कि यह एक गंभीर आर्थिक संकट का रूप लेती जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा कई राज्यों में लू का अलर्ट जारी किए जाने के बीच विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि इसका असर देश की अर्थव्यवस्था, कृषि उत्पादन और आम लोगों के जीवन पर गहराई से पड़ेगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अत्यधिक गर्मी के कारण भारत को अब तक लगभग 159 अरब डॉलर की उत्पादकता का नुकसान हो चुका है, जो देश की कुल आय का करीब 5.4 प्रतिशत है। हर साल करीब 160 अरब से अधिक काम के घंटे बर्बाद हो रहे हैं, क्योंकि मजदूर भीषण गर्मी में अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाते। खासकर निर्माण, कृषि और शहरी अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है।
अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि अगर समय रहते प्रभावी नीतिगत कदम नहीं उठाए गए, तो इस दशक के अंत तक भारत की GDP को 2.5 से 4.5 प्रतिशत तक का नुकसान हो सकता है। वहीं सदी के मध्य तक यह नुकसान 8.7 प्रतिशत तक पहुंचने की आशंका है। साल 2021-22 में ही देश को 160 से 191 अरब श्रम घंटों का नुकसान हुआ था।

स्वास्थ्य क्षेत्र पर भी इसका गंभीर असर दिख रहा है। गर्मी से जुड़ी बीमारियां जैसे डिहाइड्रेशन, थकावट और हीटस्ट्रोक के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, गंभीर हीटस्ट्रोक के इलाज में प्रति मरीज 1 से 2 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है। ऐसे में कई परिवारों को इलाज के लिए कर्ज लेना या संपत्ति बेचनी पड़ रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो रही है।
इसी के साथ कृषि क्षेत्र भी इस संकट से अछूता नहीं है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, अत्यधिक गर्मी और कम वर्षा का सीधा असर फसलों, विशेषकर चावल उत्पादन पर पड़ सकता है। गंगा और सिंधु नदी घाटियों जैसे घनी आबादी वाले कृषि क्षेत्रों में जोखिम और अधिक बढ़ गया है। वर्ष 2022 में भीषण गर्मी के कारण कई राज्यों में फसल, पशुधन और उत्पादन प्रणाली पर गंभीर असर देखा गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनौती से निपटने के लिए बहुस्तरीय नीति अपनाने की जरूरत है, जिसमें हीट एक्शन प्लान, कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, श्रमिक सुरक्षा और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी जाए। स्पष्ट है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हीटवेव भारत की आर्थिक और सामाजिक स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
