DB l ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। पाकिस्तानी सूत्रों के मुताबिक, बातचीत का दूसरा दौर 22 अप्रैल को इस्लामाबाद में हो सकता है और तैयारियां तेज कर दी गई हैं। हालांकि, ईरान ने फिलहाल इसमें शामिल होने को लेकर कोई स्पष्ट सहमति नहीं दी है।
Reuters के हवाले से एक पाकिस्तानी सूत्र ने बताया कि बातचीत “सही दिशा” में है और समय पर शुरू होने की उम्मीद है। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप के इस वार्ता में शामिल होने की संभावना भी जताई जा रही है—या तो व्यक्तिगत रूप से या वर्चुअल माध्यम से, खासकर यदि कोई समझौता होता है।

दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि उसने अभी तक किसी प्रतिनिधिमंडल को पाकिस्तान भेजने का फैसला नहीं किया है। प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका के रुख को लेकर गहरा अविश्वास है और बिना ठोस संकेतों के आगे बढ़ना संभव नहीं।
इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी हालात गंभीर हैं। हाल ही में अमेरिका द्वारा एक ईरानी जहाज जब्त किए जाने के बाद तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि दबाव जारी रहा तो वह इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद कर सकता है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
सीजफायर की अवधि भी 22 अप्रैल को समाप्त हो रही है, जिससे वार्ता और अहम हो गई है। पाकिस्तान ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच अविश्वास के कारण शांति वार्ता का भविष्य अभी अनिश्चित बना हुआ है।
