DB l संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में सियासी टकराव और तेज हो गया है। विपक्ष के हंगामे को लेकर भाजपा की महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाए हैं और सख्त कार्रवाई की मांग की है। महिला सांसदों ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों ने सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाई, स्पीकर की मेज पर चढ़े, कागज फाड़े, प्रधानमंत्री की सीट को घेरा और ट्रेजरी बेंच तक पहुंच गए।
पत्र में 4 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा गया कि पूरे देश ने लोकसभा के भीतर बेहद दुर्भाग्यपूर्ण दृश्य देखे। महिला सांसदों ने इन कृत्यों को “घिनौना” बताते हुए कहा कि इससे लोकतांत्रिक संस्थानों की छवि धूमिल हुई है और दोषी सांसदों के खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

इसी बीच विपक्ष ने मंगलवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए Rule 94(c) के तहत अविश्वास प्रस्ताव लाने का नोटिस लोकसभा महासचिव को सौंपा। इस नोटिस पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, वाम दल और आरजेडी समेत 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं, हालांकि तृणमूल कांग्रेस इससे अलग रही। खास बात यह रही कि राहुल गांधी ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए, जबकि प्रियंका गांधी वाड्रा ने साइन किए हैं।
विपक्ष का आरोप है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान स्पीकर ने राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने से रोका। नोटिस में कहा गया है कि सदन में स्पीकर की टिप्पणियों से कांग्रेस सांसदों पर साफ तौर पर झूठे आरोप लगे और विपक्ष की आवाज को दबाया गया। विपक्ष ने इसे पक्षपातपूर्ण रवैया करार दिया है।
हालांकि, लोकसभा में एनडीए के बहुमत को देखते हुए इस अविश्वास प्रस्ताव का पारित होना मुश्किल माना जा रहा है, लेकिन बजट सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव ने संसद की राजनीति को और ज्यादा गर्मा दिया है।
