DB l दिल्ली–NCR में प्रदूषण स्तर में हल्का सुधार देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने GRAP-3 को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। इसके साथ ही निर्माण गतिविधियों पर लगी रोक, आधे कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम और वाहनों पर लगी कई पाबंदियां खत्म कर दी गई हैं। हालांकि GRAP-1 और 2 अब भी लागू रहेंगे और सभी एजेंसियों को सख्त निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
CAQM की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन दिनों में वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है, और बुधवार को दिल्ली का AQI 327 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। IMD और IITM ने अगले कुछ दिनों में AQI इसी स्तर पर बने रहने की संभावना जताई है। GRAP-3 हटने के बाद NCR में वे निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो सकेंगे जिन्हें AQI के ‘गंभीर’ स्तर पर रोक दिया गया था, लेकिन डस्ट कंट्रोल का उल्लंघन करने वाली साइटें बिना अनुमति खुल नहीं सकेंगी।

इसी बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें एक यात्री ने दिल्ली मेट्रो के अंदर AQI मशीन का रीडिंग दिखाया। आश्चर्यजनक रूप से मेट्रो के भीतर भी हवा ‘जहरीली’ श्रेणी में दिखाई दी, जिससे लोगों में नई चिंता बढ़ गई। जहां दुनिया के शहरों में AQI 20 से भी कम होता है—जैसे ओस्लो (AQI 1), डेट्रॉइट (AQI 8), टोरंटो (AQI 11)—वहीं दिल्ली में नवंबर 2025 में औसत AQI 382 से बढ़कर 558 तक पहुंच गया। हवा में मौजूद PM2.5 WHO मानकों से 20 गुना अधिक दर्ज हुआ, जो हर सांस को नुकसानदायक बना देता है।

CAQM ने प्रदूषण की वापसी को रोकने के लिए GRAP-1 और 2 के तहत कई निर्देश जारी रखे हैं—सड़कों पर पानी का छिड़काव, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, कचरा जलाने पर रोक, पुराने वाहनों पर कार्रवाई और प्रदूषण हॉटस्पॉट्स पर विशेष निगरानी। नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, PUC अपडेट रखने और ग्रीन दिल्ली ऐप पर प्रदूषण से संबंधित शिकायतें दर्ज करने की अपील की गई है।
