0 0
Read Time:2 Minute, 18 Second

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 17 नवंबर को एक बड़ा आतंकवाद-मड्यूल फाड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया है। दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए भड़काऊ कार ब्लास्ट के संदिग्ध आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर-उन-नबी के एक और करीबी सहयोगी, जसीर बिलाल वानी (उर्फ दानिश), को श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया है।

एनआईए ने आरोप लगाया है कि वानी, जो कश्मीर के अनंतनाग के काजीगुंड का निवासी है, हमलों के लिए तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा था। उसकी भूमिका में शामिल है ड्रोन मॉडिफिकेशन और रॉकेट बनाने का प्रयास, जिसे ब्लास्ट की तैयारी में प्रयोग किया जाना था। एजेंसी ने कहा है कि वह “active co-conspirator” था और डॉ. उमर के साथ मिलकर विस्फोट की साजिश तैयार कर रहा था

एजेंसी अभी कई धाराओं में छानबीन कर रही है—जांच विस्तारित है और कई टीमों को राज्यों में सक्रिय कर दिया गया है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। एनआईए के बयान में कहा गया है कि जसीर वानी “तकनीकी विशेषज्ञ” के रूप में काम कर रहा था और वह आतंकवादी साजिश में सिर्फ सहायता नहीं कर रहा था — बल्कि योजनाओं की रूप-रेखा तैयार करने में महत्वपूर्ण हिस्सा था।

विश्लेषकों का मानना है कि जसीर की गिरफ्तारी न केवल इस हमले की गुत्थी खोलने में अहम हो सकती है, बल्कि यह एक बड़े आतंकवादी नेटवर्क की परतों को भी उजागर कर सकती है। ड्रोन और रॉकेट जैसे हाई-टेक साधनों की भूमिका आतंकवाद में एक नई दिशा इंगित करती है। एनआईए की जांच जारी है और एजेंसी ने कहा है कि भविष्य में और गिरफ्तारी की संभावना है।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %