DB l दिल्ली के लाल किला इलाके में हुए भीषण विस्फोट की जांच में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। अब तक की जांच में सामने आया है कि धमाके में इस्तेमाल की गई हुंडई i20 कार हरियाणा के फरीदाबाद से मात्र चार दिन पहले खरीदी गई थी। यह कार गुरुग्राम नॉर्थ आरटीओ में रजिस्टर्ड थी और पिछले एक साल में सात बार बेची जा चुकी थी। पुलिस ने कार डीलर सोनू को हिरासत में लेकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सौंप दिया है। सोनू ने ‘रॉयल कार जोन’ नाम से ओएलएक्स पर कार बेचने का विज्ञापन पोस्ट किया था, जिसके बाद यह कार खरीदी गई थी।

धमाका सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास सुभाष मार्ग ट्रैफिक सिग्नल पर हुआ। कार में जोरदार विस्फोट के बाद आसपास की कई गाड़ियों में आग लग गई, जिससे 20 से अधिक लोग घायल और 9 लोगों की मौत हो गई। फोरेंसिक जांच में मौके से आईईडी के अवशेष मिले हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक सुनियोजित आतंकी साजिश थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि “पीड़ित परिवारों का दुख मैं समझता हूं। हमारी एजेंसियां इस साजिश की तह तक जाएंगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।”

इसी बीच, जांच एजेंसियों ने गुजरात, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश से तीन संदिग्ध डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है, जिनका संबंध इस धमाके से जोड़ा जा रहा है।
1. गुजरात के डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद को गांधीनगर के पास अदलाज कस्बे से तीन पिस्तौल, गोला-बारूद और 4 लीटर अरंडी के तेल के साथ पकड़ा गया, जो “राइसिन” जैसे जैविक हथियार बनाने में इस्तेमाल हो सकता है।
2. डॉ. मुजम्मिल शकील, जो हरियाणा के फरीदाबाद के अल-फलाह अस्पताल में कार्यरत था, के ठिकाने से 2,900 किलोग्राम विस्फोटक, 350 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और दो असॉल्ट राइफलें बरामद हुईं।
3. डॉ. आदिल अहमद राठेर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से पकड़ा गया, जो सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाया गया और जैश-ए-मोहम्मद के प्रचार पोस्टर लगाने का आरोपी है।

इन गिरफ्तारियों से यह संकेत मिल रहे हैं कि यह घटना किसी बड़े आतंकी नेटवर्क की साजिश का हिस्सा हो सकती है। एनआईए, एनएसजी, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और फोरेंसिक टीमें मिलकर इस केस की गहराई से जांच कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि जल्द ही इस ब्लास्ट के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश हो जाएगा।
