कपड़ा व्यापारी के बेटे की डिफेंडर ने मचाई तबाही, तीन की मौत – प्रशासन की लापरवाही पर भड़का जनाक्रोश…
DB l छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में रविवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। कहा जाता है कि जब रईसजादों के हाथों में रफ्तार की लगाम आती है, तो अंजाम हमेशा खौफनाक होता है। स्थानीय थोक कपड़ा व्यापारी के बेटे ने अपनी लग्जरी डिफेंडर कार से भीड़ पर कहर बरपा दिया। बेकाबू गाड़ी ने देखते ही देखते पांच लोगों को कुचल डाला — जिनमें से तीन की मौत मौके पर ही हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद आरोपी युवक मौके से फरार होकर अपने घर में जा छिपा। जब गुस्साई भीड़ उसके घर पहुंची, तो आरोपी के पिता ने लोगों से अभद्रता की — जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए। आक्रोशित लोगों ने व्यापारी के घर पर धावा बोल दिया, तोड़फोड़ की और देर रात तक जमकर हंगामा होता रहा।
लोगों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को थाने ले जाने की बजाय उसे घर पहुंचा दिया, जिससे गुस्सा और भड़क गया। आक्रोशित भीड़ ने कहा कि “रईसों के बच्चों के आगे प्रशासन बेबस हो चुका है, गरीबों की जान की कोई कीमत नहीं।” मृतकों के परिजनों ने शहर के सिग्नल चौक पर शव रखकर प्रदर्शन किया, और न्याय की मांग की।
तनाव की स्थिति को देखते हुए बेमेतरा में सोमवार को बंद का आह्वान किया गया है। पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।
बेमेतरा एसएसपी रामकृष्ण साहू ने कहा कि “किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं है, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
लेकिन सवाल अब भी यही है — क्या रईसों के बच्चों की मनमानी पर लगाम लगेगी, या आम जनता को ही सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग करनी पड़ेगी?
बेमेतरा में यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और सामाजिक असमानता का आईना बन गया है।
