DB l बिहार की सियासत इन दिनों पूरी तरह गरमाई हुई है। एक ओर प्रधानमंत्री की रैली तो दूसरी ओर विपक्ष के तीखे तेवर — माहौल चुनावी जंग का बन चुका है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, “बिहार की जनता बदलाव के मूड में है। प्रधानमंत्री पिछले 11 सालों से सत्ता में हैं, लेकिन बिहार को उन्होंने क्या दिया? गुजरात में फैक्ट्रियां लगाईं और जीत बिहार से चाहते हैं — यह संभव नहीं है।”

तेजस्वी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बिहार को सिर्फ “वायदों का पुलिंदा” दिया है, जबकि विकास की फैक्ट्री कहीं और खोली। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “देश का हर दसवां व्यक्ति बिहार से है, लेकिन बिहार को गुजरात जैसा सम्मान नहीं मिला। जो गुजरात को दिया, उसका 1% भी बिहार को नहीं दिया।” तेजस्वी ने यह भी कहा कि जैसे ही महागठबंधन ने अति पिछड़ा वर्ग से उपमुख्यमंत्री का नाम घोषित किया, एनडीए के नेता “ट्रोलिंग” करने लगे — इससे साफ है कि भाजपा को अति पिछड़ों से दिक्कत है।

वहीं दूसरी ओर एनडीए की ओर से जीतन राम मांझी ने पलटवार किया। मांझी ने छठ पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “छठ आस्था का पर्व है, हमें जातिवाद से ऊपर उठकर मानवता अपनानी चाहिए।” उन्होंने आरजेडी पर सीधा सवाल दागा — “तेजस्वी यादव बताएं, उनके राज में कितने उद्योग लगे थे? एनडीए सरकार काम कर रही है और बिहार को आगे बढ़ा रही है। इससे बेहतर काम कोई नहीं कर सकता।”
