जबलपुर। ग्रेनेडियर्स रेजिमेंटल सेंटर (GRC) जबलपुर में एक अग्निवीर का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पप्पू कुमार शाह नामक युवक ने सेना में भर्ती होने के लिए अपने आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों में हेराफेरी कर खुद को आयुष्मान आशीष बताया। दस्तावेजों की गहन जांच के बाद यह फर्जीवाड़ा उजागर हुआ, जिसके बाद आरोपी को सेना से तुरंत बर्खास्त कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, आरोपी ने अग्निवीर बनने के लिए दानापुर भर्ती कार्यालय की रैली में हिस्सा लिया था। चयनित होने के बाद उसे प्रशिक्षण के लिए जबलपुर स्थित जीआरसी भेजा गया। यहां प्रशिक्षण के दौरान बैंक खाता खुलवाने की प्रक्रिया शुरू हुई। जब बैंक अधिकारियों ने नाम और पते का सत्यापन किया, तो आधार कार्ड में दर्ज नाम और वास्तविक जानकारी मेल नहीं खाई।
बारीकी से पड़ताल करने पर सामने आया कि आरोपी ने भर्ती से पहले अपने आधार कार्ड में नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि बदल दी थी। भर्ती प्रक्रिया में उसने जो आधार कार्ड जमा किया था, उसमें उसका नाम आयुष्मान आशीष दर्ज था, जबकि असली पहचान में उसका नाम पप्पू कुमार शाह निकला। यह बदलाव उसने भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही कराए थे।
जालसाजी का खुलासा होने पर जीआरसी प्रशासन ने आरोपी को तत्काल निष्कासित कर दिया और गोरखपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने एफआईआर पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी से जुड़े सभी अभिलेखों और रिकॉर्ड की छानबीन की जा रही है।
यह मामला न केवल सेना भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि आधार कार्ड में हेराफेरी कर नौकरी हासिल करने की खतरनाक प्रवृत्ति को भी उजागर करता है। फर्जी पहचान के सहारे सुरक्षा बलों में प्रवेश करना न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा साबित हो सकता है।
