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DB l बिहार की राजनीति में एक नई हलचल तेज हो गई है। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और वर्तमान में हसनपुर से विधायक तेजप्रताप यादव ने एक नया राजनीतिक मोर्चा बना कर अपने अलग रास्ते पर चलने का एलान कर दिया है। मंगलवार को पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने घोषणा की कि वे आगामी विधानसभा चुनाव महुआ सीट से लड़ेंगे। यही सीट है जहां से उन्होंने 2015 में अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी।

तेजप्रताप यादव का यह नया गठबंधन पांच छोटे दलों को साथ लेकर बना है, जिसमें विकास वंचित इंसान पार्टी (वीवीआईपी), भोजपुरिया जन मोर्चा, प्रगतिशील जनता पार्टी, वाजिब अधिकार पार्टी और संयुक्त किसान विकास पार्टी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह महज एक राजनीतिक गठबंधन नहीं बल्कि एक वैचारिक आंदोलन है, जिसका उद्देश्य उन वर्गों को सशक्त बनाना है जो अब तक विकास और राजनीतिक भागीदारी से वंचित रहे हैं।

प्रेस वार्ता के दौरान तेजप्रताप यादव ने वीवीआईपी के नेता प्रदीप निषाद को निषाद समाज का असली प्रतिनिधि बताया और कहा कि मछुआरा समाज को राजनीतिक मुख्यधारा में लाना इस गठबंधन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई दल निषाद समाज के नाम पर राजनीति तो करते हैं लेकिन उनके लिए ठोस कार्य नहीं करते।

तेजप्रताप ने राजद और कांग्रेस को इस गठबंधन में शामिल होने का खुला निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि यदि ये दल सच में सामाजिक न्याय की राजनीति करते हैं, तो उन्हें इस गठबंधन का हिस्सा बनकर हाशिए पर रह गए वर्गों की आवाज़ बनना चाहिए।

गौरतलब है कि तेजप्रताप यादव लंबे समय से खुद को एक अलग नेता के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। कभी शिवभक्ति तो कभी कृष्णभक्ति के जरिए उन्होंने अपनी छवि को विशिष्ट बनाने का प्रयास किया है। लेकिन इस बार उनका अंदाज गंभीर और संगठित दिखाई दे रहा है। वे योजनाबद्ध तरीके से राजनीतिक जमीन तैयार करने में जुटे हैं।

अब देखना यह होगा कि तेजप्रताप का यह नया राजनीतिक प्रयोग बिहार की राजनीति में कितना प्रभावी साबित होता है।

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