0 0
Read Time:1 Minute, 56 Second

देह या अंगदान करने वाले नागरिकों के परिजनों का होगा सम्मान,अंतिम विदाई पर पार्थिव देह को दिया जायेगा गार्ड ऑफ ऑनर।

“अंगदान महादान है” — यह वाक्य अपने आप में एक जीवन दर्शन है। हमारे द्वारा मृत्यु के बाद दान किए गए अंग (जैसे हृदय, किडनी, लिवर, आंखें) किसी और की ज़िंदगी को नया जीवन दे सकते हैं।

भारत में हर साल लाखों लोग अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा करते हैं, लेकिन जागरूकता की कमी, अंधविश्वास, और संकोच के कारण केवल कुछ ही लोगों को जीवन का यह उपहार मिल पाता है।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की घोषणा के अनुरूप राज्य शासन ने देहदान और अंगदान करने वाले नागरिकों के परिजनों का 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर जिलों में आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रमों में सम्मानित करने का निर्णय लिया है।

इसके साथ ही देहदान अथवा हृदय, लीवर और किडनी दान करने वाले नागरिकों की पार्थिव देह को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई देने का निर्णय भी राज्य शासन द्वारा लिया गया है। इस बारे में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सभी जिलों के कलेक्टरों को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की घोषणा के मुताबिक लिये गये इन निर्णयों पर अमल करने के निर्देश जारी किये गये हैं।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %