DB l भारत निर्वाचन आयोग और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के बीच हुई बैठक में उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार आमने-सामने आ गए। यह बैठक महज 7 मिनट में ही खत्म हो गई।

टीएमसी का आरोप है कि बैठक के दौरान ज्ञानेश कुमार ने उनकी बात नहीं सुनी और उन्हें “GET LOST” कहकर बाहर जाने को कहा। वहीं, चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, डेरेक ओ’ब्रायन ने बैठक में ऊंची आवाज में बात की और सीईसी को बोलने से रोक दिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

दरअसल, टीएमसी का प्रतिनिधिमंडल पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे को लेकर आयोग से मिलने पहुंचा था। पार्टी का दावा है कि इस प्रक्रिया में लाखों लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। बैठक के दौरान टीएमसी नेताओं ने सीईसी को हटाने के नोटिस का भी जिक्र किया, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया। डेरेक ओ’ब्रायन ने ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें “अविश्वसनीय” तक बताया और चुनाव आयोग पर वोटर सूची में हेरफेर का आरोप लगाया।
वहीं, चुनाव आयोग ने बयान जारी कर कहा कि बैठक में गरिमा बनाए रखने की अपील की गई थी और अभद्र व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। इस घटना के बाद टीएमसी और चुनाव आयोग के बीच टकराव और तेज हो गया है, जिससे पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
