सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पटाखों पर प्रतिबंध को लागू करने में राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेशों और एजेंसियों की किसी भी तरह की चूक को बेहद गंभीरता से देखा जाएगा।
पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी कर कहा कि सभी पटाखों पर बैन नहीं है। सिर्फ स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह पटाखों पर रोक लगाई गई है। सुप्रीम कोर्ट ने बेरियम (केमिकल एलिमेंट) से पटाखे और लड़िया बनाने तथा इन्हें बेचने और फोड़ने पर रोक लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उत्सव की आड़ में प्रतिबंधित पटाखों के इस्तेमाल की इजाजत नहीं होगी। दूसरों की स्वास्थ्य की कीमत पर उत्सव नहीं मनाया जा सकता है। किसी भी प्राधिकारी को हमारे निर्देशों के उल्लंघन की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि दीवाली और अन्य त्यौहारों जैसे गुरुपर्व वगैरह पर 8 से 10 बजे रात तक पटाखे फोड़े जा सकेंगे। क्रिसमस की रात और नए साल के अवसर पर 11.55 बजे से 12:30 बजे तक पटाखे फोड़ने की इजाज़त होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोर्ट के आदेश के उल्लंघन की स्थिति में राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव, जिले के एसपी, डीएम, थाना प्रभारी जैसे अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह माना जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोर्ट के आदेश का राज्य सरकारें व्यापक रूप से प्रचार प्रसार करें।
